शुक्रवार 30 सितंबर को खत्म हफ्ते में बाजार में काफी उतारचढ़ाव रहा। पिछले एक हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 1 प्रतिशत गिरे। हफ्ते के पहले चार दिनों तक कमजोर रहने के बाद शुक्रवार को बाजार में तेजी आई। शुक्रवार, 30 सितंबर को RBI ने रेपो रेट में आधा फीसदी का इजाफा किया था जिसकी उम्मीद बाजार को पहले से थी। लिहाजा रेट बढ़ने के बावजूद बाजार में अच्छी तेजी रही और सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर बंद होने में कामयाब रहा।
पूरे हफ्ते के लिए बीएसई सेंसेक्स 672 अंक या 1.34 प्रतिशत गिरकर 57,426.92 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 50 233 अंक या 1.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,094.3 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत टूटा। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट आरती इंडस्ट्रीज, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, आरईसी, भारत फोर्ज, एनएचपीसी, टोरेंट पावर और बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट के शेयरों में रही। हालांकि एबॉट इंडिया, ल्यूपिन, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल और यूनाइटेड ब्रेवरीज में सबसे ज्यादा बढ़त रही हैं।
बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत गिर गया। इंडेक्स को गिराने में अडानी ट्रांसमिशन, अडानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन, वन 97 कम्युनिकेशंस, हीरो मोटोकॉर्प, अडानी विल्मर और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर शामिल रहे। वहीं जायडस लाइफसाइंसेज, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज, सिप्ला और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने मजबूती दिखाते हुए इंडेक्स को सपोर्ट किया।
बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स 1.2 प्रतिशत फिसल गया। इसमें मोरपेन लेबोरेटरीज, ज्योति रेजिन्स एंड एडहेसिव्स, गायत्री प्रोजेक्ट्स, एसवीपी ग्लोबल टेक्सटाइल्स और बन्नारी अम्मान स्पिनिंग मिल्स के शेयरों में 15-24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। वहीं प्रूडेंट कॉरपोरेट एडवाइजरी सर्विसेज, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रेवरीज, फोर्ब्स गोकक, डायनेमिक प्रोडक्ट्स, शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स, एसाब इंडिया, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, जेटीएल इंफ्रा, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में 10-19 प्रतिशत की तेजी रही।
बीएसई सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा। उसके बाद आईटीसी, भारतीय स्टेट बैंक और मारुति सुजुकी इंडिया का स्थान रहा। दूसरी ओर इंफोसिस, भारती एयरटेल और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का मार्केट कैप सबसे ज्यादा बढ़ा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स में 4.3 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में 3.4 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में 3-3 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स 1.5 प्रतिशत चढ़ा।
पिछले कारोबारी हफ्ते में विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign institutional investors (FIIs) ने 15,862.48 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (domestic institutional investors (DIIs) ने 15,988.29 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। हालांकि सितंबर के महीने में FIIs ने 18,308.30 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि DIIs ने 14,119.75 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।
इस हफ्ते भी भारतीय रुपये में गिरावट जारी रही क्योंकि यह 81.95 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर को छू गया था। रुपया 30 सितंबर को 35 पैसे की गिरावट के साथ 81.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया 23 सितंबर को 80.99 पर बंद हुआ था।
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