Market insight : मार्केट में शानदार रिकवरी देखने को मिल रही है। हाल के लो निफ्टी 2000 अंक से ज्यादा भागा है। बैंक निफ्टी में 6000 अंक से ज्यादा की रिकवरी आई। अर्निंग सीजन का पहला हफ्ता भी अच्छा रहा है। अब तक तो सब कुछ ठीक-ठाक रहा है। तो क्या मार्केट पर अब पॉजिटिव व्यू रखा जाए? यहां से क्या व्यू होना चाहिए? इन मुद्दों पर बात करते हुए डायमेंशंस कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विज के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार के लिए लिक्विडिटी काफी अहम फैक्टर होती है। बाजार पर आप चाहे जो व्यू रखें, आपकी मर्जी। लेकिन अगर लिक्विडिटी नहीं है तो ये वापस जो V वर्टिकल हुआ है उसका बेनिफिट नहीं मिलेगा। आज के नजरिए से देखें तो बैंकों का परफॉर्मेंस तुलनात्मक रूप से ठीक हुआ है। लेकिन ग्लोबल नजरिए से देखें तो इनका प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा है। जेपी मॉर्गन की तुलाना में हमारे बैंक कहां ठहरते हैं। HDFC बैंक ने तो पिछले 5 साल से कोई रिटर्न नहीं दिया है।
बड़े बैंकों में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं
इस शेयर को लेकर अजय श्रीवास्तव का कहना है कि शेयर्स चले या नहीं चले ये अलग बात है। मेन मुद्दा ये है कि आपको अपने थ्रेशहोल्ड के रिटर्न के लिए कौन सा पोर्टफोलियो चूज़ करना है। थ्रेशहोल्ड रिटर्न के हिसाब से भारत के बड़े बैंक अच्छे नहीं लग रहे हैं। अगर हमें 20% रिटर्न चाहिए तो हम 6% 8% 10% ग्रोथ रेट की कंपनियों को क्यों खरीदेंगे। बड़े बैंकों में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं है।
गोल्ड लोन सेक्टर का प्रदर्शन काफी अच्छा रहने की उम्मीद
उन्होंने आगे कहा कि भारत में एनबीएफसी कंपनियां ठीक लग रही है। अजय श्रीवास्तव ने बताया कि गोल्ड लोन कंपनियों में उनका निवेश भी है और वे इन पर काफी बुलिश भी हैं। उनका कहना है कि भारत की अंडरलाइंग इकॉनमी में गोल्ड एक बहुत बड़ा रोल प्ले करता है। आरबीआई ने अच्छा रेगुलेशन रखा हुआ है। इसके चलते इनमें सेफ्टी भी है और फ्लेक्सिबिलिटी भी है। इस सेक्टर में सेगमेंट के आधार पर देखें तो पिछले 3 साल में गोल्ड लोन कंपनियों ने हमको बेस्ट रिटर्न दिया है। आगे गोल्ड लोन सेक्टर की पुरानी स्पेशलाइज्ड कंपनियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहने की उम्मीद है।
पावर शेयरों में शानदार ग्रोथ की उम्मीद
अजय श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसा नहीं है कि उनको बैंक शेयर एकदम से पसंद नहीं हैं। उनके पोर्टफोलियों अच्छे प्रदर्शन और मजबूत नतीजों वाले बैंक शामिल हैं। इसमें एक पीएसयू बैंक भी है। इसके अलावा अजय एनर्जी और पावर सेक्टर पर काफी बुलिश हैं। अब ये दोनों थीम सिर्फ समर थीम नहीं रह गई है। इनकी ग्रोथ में दो और फैक्टर्स का योगदान रहेगा। तीन महीने पहले ये दोनों थीम एआई के चलते चलीं थीं। अगर इस देश में एआई आएगा तो पावर रिक्वायरमेंट बढ़ेगी। देश में छह-सात कंपनियां ही है जो इंडिया को पावर सप्लाई कर सकती हैं।
मध्यपूर्व संकट को चलते अब एक और पॉजिटिव फैक्टर जुड़ गया है। ऑयल की बढ़ती प्राइस देखते हुए थर्मल पावर अब फिर से बहुत अहम और प्रॉफिटेबल हो गया है। अगर भारत को एनर्जी संकट से निपटना है तो थर्मल पावर को प्रोमोट करना होगा। भारत में एआई आने से सिर्फ पावर प्रोडक्शन को ही नहीं, पावर ट्रांमिशन कंपनियों को भी फायदा होगा। आगे दो-तीन साल के नजरिए से ये पूरा सेक्टर बहुत अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर को सिर्फ मानसून के नजरिए से न देखिए।
कैपिटल मार्केट शेयरों पर बुलिश नजरिया
कैपिटल मार्केट शेयरों पर बात करते हुए अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पोर्टफोलियो में एक्सचेंज शेयर शामिल हैं। दो-तीन ब्रोकरेजेज में भी उनका निवेश है। उनका मानना है कि कैपिटल मार्केट को लेकर आरबीआई की पॉलिसी अच्छी चल रही है। अगर इसके साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं होती तो कैपिटल मार्केट शेयर अच्छा करेंगे।
आईटी शेयरों में नहीं है दम
आईटी शेयरों पर बात करते हुए अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां ग्रोथ पर निवेश नहीं करती। जहां ग्रोथ नहीं है वहां निवेश करने का कोई मतलब नहीं है। यूएस की कंपनियां एक साल में इनोवेशन में 650 बिलियन डॉलर इन्वेस्टमेंट कर रही हैं। इसकी तुलना में हमारी कंपनियां कहीं नहीं ठहरती। ये कंपनियां इंडेक्स में शामिल हैं। इनके इंडेक्स का सपोर्ट मिल जाता है। इंडेक्स में शामिल होने से इनमें निवेश करना पड़ता है। अगर ये इंडेक्स से बाहर हो जाएं तो इनमें फ्री फॉल शुरू हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि फार्मा सेगमेंट अच्छा है। लेकिन महंगे वैल्युएशन से एंट्री प्वाइंट नहीं मिल रहा है। फार्मा में CDMO पर फोकस होना चाहिए। हॉल्सपिटल शेयर भी अच्छे हैं, लेकिन इस प्वाइंट पर ये महंगे लग रहे हैं।
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