Market insight : निफ्टी के जल्द रिकॉर्ड हाई पार करने की उम्मीद नहीं, आईटी इंडेक्स पर बनी रहे नजर - राहुल घोष
Market outlook : राहुल घोष का कहना है कि निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप 100 इंडेक्सों में रिकॉर्ड ऊंचाई की संभावना तभी होगी जब ब्रॉडर मार्केट अगले 3 से 5 महीनों में स्थिर हो जाएगा
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 16, 2025 पर 11:09 AM
राहुल ने कहा कि वर्तमान बाजार में काफी वोलैटिलिटी है। साथ ही सेक्टर रोटेशन भी देखने को मिल रहा है। बाजार में सतर्क रहते हुए सेलेक्टिव नजरिया अपनाने की सलाह होगी
ऑक्टेनम टेक एंड हेज्ड (Octanom Tech & Hedged) के राहुल घोष का मानना है कि बाजार अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर को जल्दी पार नहीं कर पाएगा। मनीकंट्रोल को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "26,000 के स्तर की ओर किसी भी तेजी के साथ ही मजबूत बिकवाली की संभावना है,जिससे नए हाई की की संभावना में देरी होगी।"
उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी हाल ही में गिरावट के बाद 24,718.6 पर बंद हुआ है। ये बाजार में सतर्कता की भावना और बिक्री के दबाव को दिखाता है। 24,450-24,500 के जोन ने ऐतिहासिक रूप से मनोवैज्ञानिक और टेक्निकल सपोर्ट के रूप में काम किया है। "24,160-23,930 का गैप एरिया भी एक संभावित मजबूत लेवल है। 23,900 से नीचे की कोई गिरावट बाजार में नई गिरावट को ट्रिगर कर सकती है।"
जहां तक नए रिकॉर्ड हाई की बात है तो भू-राजनीतिक परेशानियों और विदेशी निवेशकों द्वारा की जाने वाली बिक्री के कारण बाजार का सेंटीमेंट खराब है। सेंटीमेंट में सुधार के लिए ग्लोबल जोखिम के कम होने, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में स्थिरता आने, अर्निंग्स में सुधार होने और नीति घोषणाओं के अच्छे असर की जरूरत होगी। अगर इन मोर्चों पर राहत मिलती है तो अगले 3 महीनों में एक नया रिकॉर्ड हाई बन सकता। लेकिन इसके बीच की अवधि में वोलैटिलिटी बनी रहने की संभावना है।
26,000-26,200 का बैंड वह लेवल है जहां से पिछली बार तेज गिरावट आई थी। बाजार के जल्द ही इस स्तर को फिर से पार करने की उम्मीद नहीं है। 26,000 के स्तर की ओर किसी भी तेजी के साथ मजबूत बिकवाली आने की संभावना है। इससे नया हाई लगने में अभी समय लग सकता है।
वर्तमान बाजार में निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए आपकी ट्रेडिंग रणनीति क्या होगी? इसके जवाब में राहुल ने कहा कि वर्तमान बाजार में काफी वोलैटिलिटी है। साथ ही सेक्टर रोटेशन भी देखने को मिल रहा है। बाजार में सतर्क रहते हुए सेलेक्टिव नजरिया अपनाने की सलाह होगी।
निफ्टी: राहुल में कहा कि रेंज बाउंड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाएं, अहम सपोर्ट स्तरों (जैसे 24,100-23,930) के पास खरीदारी करने और रेजिस्टेंस के पास मुनाफा कमाने के अवसरों को न खोंए। आईटी और चुनिंदा मिड-कैप जैसे मजबूती दिखाने वाले सेक्टरों पर ध्यान दें।
बैंक निफ्टी: राहुल के मुताबिक यह इंडेक्स ईएमए सपोर्ट लाइनों को तोड़ चुका है और मई के बाद से नहीं दिखे स्तरों पर है। इसके लिए शॉर्ट टर्म सपोर्ट 55,053/54,759 पर और रेजिस्टेंस 56,002/56,296 पर है। जब तक इंडेक्स में स्थिरता के संकेत नहीं दिखते, तब तक आक्रामक लॉन्ग पोजीशन से बचना चाहिए। मजबूत फंडामेंटल वाले निजी बैंकों में चुनिंदा स्टॉक चुनने पर फोकस करें। बैंकिंग में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और करुरू वैश्य बैंक अच्छे दिख रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हाल के बाजार रुझानों से पता चलता है कि सेक्टर रोटेशन चल रहा है। इस रोटेशन में आईटी स्टॉक स्टैंडआउट परफॉर्मर के रूप में उभर रहे हैं। निफ्टी आईटी इंडेक्स ने हाल ही में 1.7 फीसदी की छलांग लगाई। इस तेजी की लीडरशिफ लार्ज कैप के बजाय ओरेकल फाइनेंशियल,पर्सिस्टेंट सिस्टम्स,एलटीआई माइंडट्री और कोफोर्ज जैसे मिड-कैप आईटी शेयरों में किया है। यह बदलाव अहम है, क्योंकि अभी हाल तक, इंडस्ट्रियल और कैपिटल गुड्स रैली की लीडरशिप कर रहे थे। जबकि आईटी और दूसरे डिफेंसिव सेक्टर पिछड़े हुए थे।
भू-राजनीतिक चिंताओं और ब्रॉडर मार्केट में गिरावट के कारण निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता कम हो गई है। अब निवेशक मजबूत अर्निंग्स की संभावना और अच्छे भाव वाले सेक्टरों में निवेश कर सकते हैं। आईटी सेक्टर मजबूत निर्यात संभावनाओं और अच्छे कैश फ्लो के साथ इस प्रोफ़ाइल में फिट बैठता है। हालांकि, हमें ग्लोबल उठापटक में करेंसी की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आईटी शेयरों की आगे चाल पर करेंसी के रुख का अहम योगदान होगा।
उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी आईटी इंडेक्स जून में संभावित हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न दिखा रहा है। "अगर जून के अंत तक हैमर की पुष्टि हो जाती है, तो पूरा आईटी सेक्टर और भी अधिक दिलचस्प हो जाएगा। ऐसे में आईटी इंडेक्स 42,000 के पिछले हाई की ओर बढ़ता नजर आ सकता है।"
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।