Market insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा के लिए एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट (Alchemy Capital Management) के क्वांट होड और फंड मैनेजर आलोक अग्रवाल ने कहा कि आईटी सेक्टर पर उनका नजरिया पहले भी निगेटिव था और अभी निगेटिव है। एआई की वजह से इस सेक्टर में भारी बदलाव हुआ है। एआई नहीं था तो भी इस सेक्टर की ग्रोथ बहुत हाई नहीं थी। लेकिन ठीक-ठाक ग्रोथ देखने को मिल जाती थी। लेकिन एआई के आने के बाद आईटी के रेवेन्यू और मार्जिन के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में आईटी कंपनियों का ग्रोथ आउटलुक काफी खराब हो गया है। हालांकि करेक्शन के बाद आईटी शेयर सस्ते हुए हैं, लेकिन जब तक ग्रोथ विजिबिलिटी नहीं आएगी, तब तक आईटी शेयरों पर निगेटिव नजरिया रहेगा। अभी इन शेयरों में खरीदारी की सलाह नहीं होगी।
सरकारी बैंको और छोटे निजी बैंकों पर करें फोकस
बैंक शेयरों पर बात करते हुए आलोक अग्रवाल ने कहा कि बैंक लीवरेज्ड प्ले होते हैं, क्योंकि इनकी जो बुक वैल्यू होती है वे उससे ज्यादा का कारोबार करते है। साथ ही जब भी डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है बैंक शेयरों को परेशानी होती है। इसी वजह से हाल के दिनों में बैंक शेयरों में करेक्शन थोड़े ज्यादा दिखे। लेकिन अब इनके क्रेडिट ग्रोथ और डिपॉजिट ग्रोथ दोनों नंबर 12 फीसदी से ऊपर सेटल होने लगे हैं। यह बैंक शेयरों के लिए काफी अच्छा संकेत है। ऐसे समय में जब क्रेडिट ग्रोथ और डिपॉजिट ग्रोथ दोनों सुधर रहे हों और शेयरों में काफी करेक्शन आ चुका हो तब बैंकों का रिस्क रिवॉर्ड रेशियो सुधरता है। लेकिन बैंक स्पेस में प्राइवेट बैंक की तुलना में सरकारी बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। यहां रिस्क रिवॉर्ड काफी बेहतर है। इसके अलावा छोटे प्राइवेट बैंक भी अच्छे लग रहे हैं।
पावर के वैल्यू चेन से जुड़े शेयर लग रहे अच्छे
कैपिटल गुड्स शेयरों पर बात करते हुए आलोक अग्रवाल ने कहा कि इस स्पेस में पावर के वैल्यू चेन में आने वाले शेयरों पर उनका नजरिया काफी पॉजिटिव है। इसमें ट्रांसमिशन और एचवीडीसी लाइंस से जुड़े शेयर शामिल हैं। लेकिन ओवरऑल कैपिटल गुड्स को लेकर नजरिया बहुत पॉजिटिव नहीं है। इन शेयरों को सरकारी कैपेक्स से फायदा होता है। लेकिन इस समय सरकारी कैपेक्स में बहुत तेजी से बढ़त नहीं हो रही है। ऐसे में सरकारी कैपेक्स पर निर्भर कैपिटल गुड़्स शेयरों पर दबाव दिख सकता है। तेल की कीमतों में बढ़त से सरकार के पास पैसों की कमी हो सकती है। इसका असर भी इन शेयरों पर दिख सकता है। जिन कैपिटल गुड्स कंपनियों का एक्सपोजर मिडिल ईस्ट में ज्यादा है उनमें काफी ज्यादा वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है।
FMCG शेयरों से दूर रहने की सलाह, डिफेंस में गिरावट पर करें खरीदारी
आलोक अग्रवाल ने आगे कहा कि इस समय FMCG शेयरों से दूर रहने की सलाह है। युद्ध से ऑटो सेक्टर की डिमांड पर भी असर संभव है। मेटल में उछाल से ऑटो कंपनियों की लागत बढ़ी है। ऑटो सेक्टर के SUV जैसे कुछ सेगमेंट पर पॉजिटिव नजरिया है। क्रूड में तेजी से फिस्कल डेफिसिट और महंगाई पर असर संभव है। 10 साल के नजरिए से डिफेंस पर पॉजिटिव नजरिया है। ग्लोबल डिफेंस पर खर्च बढ़ रहा है। डिफेंस पर ओवरवेट नजरिया है। इस सेक्टर के अच्छे शेयरों हर गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी।
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