Market Insight : मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए वैलेंटिस एडवाइजर्स (Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि हाल के दिनों में स्टॉक मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। बाजार दो तरफा रहा है। लार्ज कैप इन्वेस्टर्स है को तो रिटर्न नहीं मिला है। लेकिन स्माल कैप और मिड कैप इन्वेस्टर्स के लिए बाजार बहुत अच्छा रहा है। अगर पिछले 6 महीनों पर नजर डालें तो स्माल कैप में करीब 25% की तेजी आई है। वहीं, लार्ज कैप फ्लैट रहा है। कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। जून तिमाही के नतीजे काफी अच्छे थे। लार्ज कैप में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले। स्मॉल और मिड कैप में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। स्मॉल और मिड कैप में करीब 20 से 25 फीसदी ग्रोथ रही।
इकोनॉमी में अर्निंग्स ग्रोथ हो रही है। अनुमान है अगले दो साल में लार्ज कैप में भी 12-13% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं स्मॉल और मिड कैप में 18 से 20% ग्रोथ हो सकता है। ऐसे में अगले दो साल मार्केट के लिए अच्छे रहने चाहिए। दो साल तक बाजार कंसोलिडेट हुआ। पिछले दो साल में लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप में कहीं पैसा नहीं बना। लेकिन अगला 2 साल बेटर रहेगा।
लेकिन छोटी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले दो-तीन महीने में बाजार में बॉन्ड डील का बहुत ज्यादा रिस्क रहेगा। बाजार बहुत हद तक कच्चे तेल से लिंक्ड है। अगर ईरान और यूएस का कोई समझौता हो जाता है और है और कच्चा तेल गिर जाता है तो फिर इनफ्लेशन वापस नीचे आ सकता है। इससे बॉन्ड ईल्ड में जो बड़ा स्पाइक देखने मिला है वह थम सकता है। कल रात को यूएस से कुछ अच्छे संकेत आए। अगर अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत वापस चालू हो जाती है तो यह बाजार के लिए अच्छा रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अगले दो-चार क्वार्टर में भी कॉर्पोरेट नतीजे अच्छे आने चाहिए और उसके कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिलेगा। हम ग्लोबल मार्केट के असर से पूरी तरह अछूते तो नहीं रह सकते। तो जब ग्लोबल मार्केट में करेक्शन आएगा तब भारत में भी करेक्शन आएगा। लेकिन यह करेक्शन दूसरे बाजारों की तुलना में कम रह सकता है। इसकी वजह ये है कि पिछले दो साल में भारत के बाजार ने दूसरे बाजारों की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में अब इसमें ग्लोबल मार्केट्स के हिसाब से शायद थोड़ा कम करेक्शन आएगा। आगे हमें बैंकिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग के नतीजे कमोबेश सपाट रहे थे। ग्रोथ कुछ नहीं आया था। अगले एक साल में इसमें ग्रोथ आएगी और इनको नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़त का फायदा मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में 15 से 17% के ग्रोथ का अनुमान है।
इसके अलावा फार्मा सेक्टर भी आगे अच्छा कर सकता है। फार्मा अब तक बेस्ट अल्फा परफॉर्मर रहा है। इसमें आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इस सेक्टर में सीडीएमओ कंपनियां काफी अच्छी लग रही हैं। यहां पर अगले 4-5 सालों में 25 से 30% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर में यूएस जेनरिक्स पर फोकस करने वाली कंपनियां भी अच्छी लग रही हैं। अब अमेरिका में भाव में स्थिरता आ रही है। इस सेक्टर ने पिछले 5 साल में काफी खराब प्रदर्शन किया है। लेकिन अब यहां तेजी आ सकती है।
ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले साल GST कट से ऑटो में तेजी बढ़ी थी। अगले एक साल में ऑटो वॉल्यूम में नरमी संभव है। ब्याज दरें और कच्चे माल का भाव बढ़ने से ऑटो पर असर पड़ेगा।
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