Nestle India Share Price : FSSAI के सख्त एक्शन के बाद नेस्ले दिन की ऊंचाई से 3% फिसला है। फिलहाल यह शेयर नीचे से रिकवर हुआ है और 5.70 रुपए यानी 0.42 फीसदी की कमजोरी के साथ 1365 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। कंपनी के 3 बेबी फूड प्रोडक्ट पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है। FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने FSS एक्ट के नियमों का पालन न करने के कारण नेस्ले इंडिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिसके बाद 18 सितंबर को इस FMCG कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।
FSSAI ने नेस्ले इंडिया के तीन उत्पादों को लेकर तीन कानूनी मामले दर्ज किए हैं। जिन प्रोडक्ट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है उनमें इन्फेंट न्यूट्रिशन,एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1(NAN Excella Pro Stage 1), लैक्टोजेन प्रो 1 (Lactogen Pro 1) शामिल हैं।
लैब जांच में नेस्ले इंडिया का बनाया'फॉलो-अप फॉर्मूला'खराब क्वालिटी का पाया गया है। फॉलो-अप फॉर्मूला के सैंपल में बायोटिन का लेवल जरूरी मात्रा से कम पाया गया। दूसरी लैब जांच में भी यह पाया गया कि सैंपल में बायोटिन की मात्रा तय मानकों के अनुसार नहीं थी। FSSAI ने कहा कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा को लागू करने की उसकी कोशिशों का हिस्सा है। FSSAI ने आगे कहा है कि उसने ई-कॉमर्स प्लैटफ़ॉर्म पर मौजूद बच्चों के न्यूट्रिशन वाले इन प्रोडक्ट्स और उनके प्रमोशन से जुड़े मटीरियल की जांच की है।
FSSAI ने एक बयान में कहा है कि एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 में '5 HMOs' और 'Whey Protein' से जुड़े दावे किए गए हैं। जबकि लैक्टोजेन प्रो 1 में 'Whey Protein' के आसानी से पचने का दावा किया गया इसके। इसके बाद, इन दावों के बारे में नेस्ले से स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद FSSAI ने कहा कि प्रचार सामग्री फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (शिशुओं के पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) रेगुलेशन, 2020' के रेगुलेशन 4(2) के अनुरूप नहीं पाई गई। इस नियम के तहत शिशुओं के लिए बनाए गए खाद्य उत्पादों के प्रचार और ऐसे दावों पर कई तरह की पाबंदियां हैं, खासकर जब उनका उद्देश्य उत्पाद की बिक्री बढ़ाना हो।
इसके अलावा,नेस्ले इंडिया के बनाए गए एक फ़ॉलो-अप फ़ॉर्मूला के सैंपल की लैब में जांच करने पर उसमें बायोटिन की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई। सैंपल को दोबारा जांच के लिए भेजा गया और रेफरल लैब ने भी पाया कि यह प्रोडक्ट 2020 के नियमों के तहत बायोटिन की जरूरी मात्रा के मानकों पर खरा नहीं उतरता। इन नतीजों को देखते हुए,FSSAI ने नेस्ले इंडिया के तीन उत्पादों के खिलाफ तीन अलग-अलग कानूनी मामले दर्ज किए हैं।