17 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में 2 हफ्तों की लगातार तेजी पर लगाम लगता नजर आया। सेसेंक्स और निफ्टी पूरे हफ्ते बाजार बिकवाली के दबाव में रहें। अनिश्चित ग्लोबल संकेत और सेंट्रल बैकों के पॉलिसी फैसलों, ओमीक्रोन से जुड़ी चिंता में बढ़ोतरी , एफआईआई की लगातार बिकवाली और ऊपरी स्तरों पर लगाार मुनाफावसूली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
पिछले हफ्ते बीएसई सेसेंक्स 1,774.93 अंक यानी 3 फीसदी टूटकर 57,011.74 के स्तर पर बंद हुआ है जबकि निफ्टी 526.1 अंक यानी 3 फीसदी गिरकर 16,985.2 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 4.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसमें Shriram Transport Finance Corporation, IDBI Bank, Vodafone Idea, Cholamandalam Investment and Finance Company, Godrej Properties, Mahindra & Mahindra Financial Services और Bajaj Holdings & Investment जैसे मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
वहीं बीएसई लॉर्जकैप इंडेक्स पिछले हफ्ते 3 फीसदी टूटा। Hindustan Zinc, Tata Motors - DVR, Bank Of Baroda, NMDC, Bajaj Finserv, Indus Towers, ITC और Bajaj Finance लॉर्जकैप के टॉप लूजर रहें। वहीं Larsen & Toubro Infotech, Wipro, Adani Total Gas, Power Grid Corporation of India और Infosys लॉर्जकैप के सबसे बड़े गेनर रहें।
बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स पिछले हफ्ते 2.7 फीसदी टूटा। Network 18 Media & Investments, Aurum Proptech, Gujarat Fluorochemicals, Hindustan Construction Company, Reliance Industrial Infrastructure, DB Realty और Reliance Communications स्मॉलकैप के लूजर रहें। वहीं Suvidhaa Infoserve Borosil, Precision Wires, Urja Global, Tata Teleservices, Brightcom Group, Saint-Gobain Sekurit, Dhanvarsha Finvest, Butterfly Gandhimathi Appliances और PTC Industries स्मॉलकैप के गेनर रहें और इनमें 20 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
बीएसई सेसेंक्स पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते रिलांयस इंडस्ट्रीज में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली । इसके बाद Housing Development Finance Corporation, Bajaj Finance और HDFC Bank का नंबर रहा। Infosys, Wipro and Power Grid Corporation of India के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली।
अगर अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो निफ्टी आईटी (2 फीसदी बढ़त) को छोड़कर निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 8 फीसदी से ज्यादा टूटा जबकि निफ्टी मीडिया में 8 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 7.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
विदेशी संस्थागत निवेशक इस साल अब तक नेट सेलर रहे है। इस साल अब तक इन्होंने अब तक 26,687.46 करोड़ रुपये की बिकवाली जबकि इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 20,041.94 करोड़ रुपये की खरीदारी की। सिर्फ बीते हफ्ते की बात करें तो इस अवधि में एफआईआई ने 10,452.27 करोड़ रुपये की बिकवाली की जबकि डीआईआई ने 6,341.14 करोड़ रुपये की खऱीदारी की।
इस हफ्ते रुपये में कमजोरी का दौर कायम रहा। साप्ताहिक आधार पर डॉलर के मुकाबले रुपया 17 दिसंबर को 30 पैसे टूटकर 76.08 के स्तर पर बंद हुआ जबकि 10 दिसंबर को रुपये की क्लोजिंग 75.78 पर हुई थी।