Market Overview : 4 अक्टूबर को खत्म हुए एक कारोबारी दिन छोटे संक्षिप्त सप्ताह में ब्रॉडर इंडेक्सों ने दो सप्ताह की बढ़त के क्रम को तोड़ दिया, लेकिन बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। बेंचमार्क इंडेक्सों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जून 2022 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके कारण एफआईआई द्वारा बड़े पैमाने पर बिकवाली भी की गई। इस हफ़्ते बीएसई सेंसेक्स 3,883.4 अंक या 4.53 फीसदी गिरकर 81,688.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 1,164.35 अंक या 4.44 फीसदी गिरकर 25,014.60 पर बंद हुआ। यह जून 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट रही।
ब्रॉडर इंडोक्सों में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 फीसदी, बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 3.2 फीसदी तथा लार्जकैप इंडेक्स में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। इनमें बीएसई रियल्टी में 8 फीसदी, बीएसई ऑटो इंडेक्स में 6 फीसदी, बीएसई टेलीकॉम इंडेक्स में 5 फीसदी और बीएसई एनर्जी इंडेक्स में लगभग 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 40,511.50 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 33,074.39 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी।
गए हफ्ते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई, जिसमें कामधेनु वेंचर्स, ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज, राइट्स, एनएवीए, फीनिक्स मिल्स, लिंक, इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना, सुब्रोस में 10-41 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, हरक्यूलिस होइस्ट्स, द अनूप इंजीनियरिंग, आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया, आईआईएफएल सिक्योरिटीज, आरपीजी लाइफ साइंसेज, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर, बीएएसएफ इंडिया, ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज, वी-मार्ट रिटेल, केयर रेटिंग्स, शक्ति पंप्स (इंडिया), जयप्रकाश पावर वेंचर्स, रतनइंडिया पावर में 10-20 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि मध्य-पूर्व के तनाव और एफएंडओ सेगमेंट में बदलाव के कारण, भारतीय इक्विटी बाजार में गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 इंडेक्स में 4% से अधिक की गिरावट आई है, जिससे इसने वीकली टाइम फ्रेम पर एक बड़ा बियरिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है। निफ्टी के लिए 25,500 के स्तर पर तत्काल रजिस्टेंस और और 24,800 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। अगर निफ्टी अपने सपोर्ट लेवल से नीचे जाता है तो फिर ये गिरावट 24,500 तक बढ़ सकती है। दूसरी ओर अगर रजिस्टेंस टूट जाता है तो निफ्टी 25,750 की और बढ़ सकता है।
शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि निफ्टी अब 25000 - 24800 के सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है जो इसके 50-डे मूविंग एवरेज और अगस्त-सितंबर की रैली के 61.82% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के साथ मेल खाता है। उम्मीद है कि निफ्टी इस सपोर्ट को बनाए रखेगा और एक काउंटर-ट्रेंड पुलबैक करेगा क्योंकि ऑवरली मोमेंटम सेटअप में एक पॉजिटिव डाइवर्जेंस दिखा रहा है, जो गिरावट धीमा पड़ने का संकेत है। ऊपर की ओर पुलबैक में निफ्टी के 25,500 की ओर जाने की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के डर से सतर्कता के बीच अगले सप्ताह बाजार कंसोलीडेट होंगे। अगले सप्ताह नतीजों के मौसम की शुरुआत के साथ, स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जारी रहेगा। साथ ही, अगले सप्ताह RBI की नीति बैठक को फैसलों पर बाजार की नजर रहेगी। हालांकि दर में कटौती की उम्मीद नहीं है, लेकिन आरबीआई की टिप्पणी पर सबकी नजरें रहेंगी।
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