Market Next week : मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स ने किया सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Next week : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया,ग्लेनमार्क फार्मा,LIC हाउसिंग फ़ाइनेंस और लॉरस लैब्स में बढ़त के कारण निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.5% बढ़कर 64,450.90 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मेटल,IT,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई
Market Next week : LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद निफ्टी वापस'राइजिंग चैनल'में आ गया है। हालांकि,ट्रेंड अभी भी बुलिश नहीं है
Market Next week : इस हफ्ते ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और नई ऊंचाई को छुआ। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.5% की बढ़त हुई,जबकि निफ़्टी 50 और सेंसेक्स में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट का दौर जारी रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स 276.32 अंक या 0.35% गिरकर 77,264.51 पर आ गया,जबकि निफ्टी 76.35 अंक या 0.31% गिरकर 24,175.65 पर बंद हुआ।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया,ग्लेनमार्क फ़ार्मा,LIC हाउसिंग फ़ाइनेंस और लॉरस लैब्स में बढ़त के कारण निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.5% बढ़कर 64,450.90 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। दूसरी ओर रेल विकास निगम,फ़ेडरल बैंक,IDFC फ़र्स्ट बैंक,कोरोमंडल इंटरनेशनल और ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
कैपरी ग्लोबल कैपिटल,IDBI बैंक,IFCI और एथर एनर्जी में डबल डिजीट बढ़त के दम पर निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 0.5% बढ़कर 20,143.55 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। वहीं,इस हफ्ते BLS इंटरनेशनल सर्विसेज,एजिस लॉजिस्टिक्स,क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण,हिंदुस्तान कॉपर और टेनेको क्लीन एयर इंडिया के शेयरों में 6% से 12% तक की गिरावट आई।
अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मेटल,IT,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में 1.5% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी FMCG, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% की गिरावट आई। जबकि निफ्टी ऑटो और डिफेंस इंडेक्स भी लगभग 1% नीचे बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बिकवाली जारी रखी और इस हफ्ते ₹20,260 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और हफ्ते के दौरान भारतीय इक्विटी में ₹19,309.93 करोड़ का निवेश किया। इस हफ्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में ₹1 लाख करोड़ से कुछ ज़्यादा की गिरावट आई।
SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 24000–23970 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 23970 के नीचे टूटता है,तो और गिरावट आ सकती है और इंडेक्स 23820 की तरफ गिर सकता सकता है। ऊपर की तरफ,24300–24330 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। नियर टर्म में निफ्टी में तेजी के लिए इस रेजिस्टेंस का पार होना जरूरी है।
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंड लाइन के सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज़्यादा कमज़ोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है और ऐसे फाल्स गिरावट वाले ब्रेकआउट के बाद अक्सर तेजी से बढ़त देखने को मिलती है।
निफ्टी का ट्रेंड पॉजिटिव रुख के साथ एक दायरे (24400-24000) में बना रहने का दिख रहा है। अगर निचले दायरे के पास से कोई टिकाऊ उछाल आता है,तो निकट भविष्य में 24300-24400 के लेवल तक अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए अहम सपोर्ट 24000 पर है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो गिरावट आ सकती है।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद निफ्टी वापस'राइजिंग चैनल'में आ गया। हालांकि,ट्रेंड अभी भी बुलिश नहीं है,क्योंकि इंडेक्स 50EMA के नीचे ही ट्रेड कर रहा है। कुल मिलाकर,मोमेंटम की कमी रही और इंडेक्स एक सीमित दायरे में ही बना रहा।
ऊपर की तरफ,24,200 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 से नीचे रहता है,तब तक मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर रहने की संभावना है और निकट भविष्य में इसके 23,900 तक गिरने की आशंका है।
23,900 के नीचे जाने पर और गिरावट आ सकती है। दूसरी ओर 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाने से मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है और इससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मजबूत हो सकता है।
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