Stock Market : भारतीय इक्विटी मार्केट में 5 दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया और 9 अप्रैल को Nifty 23,800 से नीचे गिर कर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 931.25 अंक या 1.20 प्रतिशत गिरकर 76,631.65 पर और Nifty 222.25 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 23,775.10 पर बंद हुआ। आज करीब 2054 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई,2046 शेयरों में गिरावट आई और 126 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो तेल और गैस,पीएसयू बैंक, ऑटे,इंफ्रा,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और प्राइवेट बैंक में 0.3-2 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि मेटल, पावर और फार्मा में 0.6-1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में L&T, इंटरग्लोब एविएशन,इटरनल,श्रीराम फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉक्टर रेड्डीज,हिंडाल्को,बजाज ऑटो,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और मैक्स हेल्थ केयर शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट स्तर पर बंद हुआ।
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि Nifty आज 23,780 पर बंद हुआ। इसमें लगभग 220 अंकों की गिरावट देखने को मिली। कल की ज़बरदस्त तेज़ी के बाद आज कुछ प्रॉफ़िट बुकिंग हुई। यह गिरावट एक हेल्दी करेक्शन लगती है,न कि कोई रिवर्सल,क्योंकि इंडेक्स हाल की बढ़त को पचा रहा है।
प्राइस एक्शन से पता चलता है कि बाजार का ओवरऑल ढ़ाचा अभी भी मज़बूत है और अब तक कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है। जब तक Nifty 23,700 के स्तर से ऊपर बना रहता है,तब तक तेज़ी का रुख जारी रहेगा। ऐसे में इंडेक्स आने वाले समय में धीरे-धीरे 24,200 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
मौजूदा दौर को तेजी के बीच एक ठहराव (consolidation) के तौर पर देखा जा सकता है,जहां गिरावट आने पर लोग तेज़ी से बेचने के बजाय खरीदारी कर रहे हैं। ट्रेडर्स को इस गिरावट पर ज़्यादा रिएक्ट करने बचना चाहिए और इसके बजाय अहम स्तरों पर फोकस करना चाहिए। गिरावट आने पर खरीदारी करना ही सबसे अच्छी रणनीति होगी,बशर्ते सपोर्ट स्तर बने रहें।
आगे चलकर,तेज़ी बनाए रखने के लिए सपोर्ट स्तर से ऊपर टिके रहना बहुत ज़रूरी होगा। वहीं, अगर यह सपोर्ट स्तर टूटता है तो इससे नियर टर्म का नजरिया बदल सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ़ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,950 के स्तर के पास रेजिस्टेंस देखने को मिला है। यह हाल की तेजी के बाद थकावट का संकेत है।अगर निफ्टी गिरावट में 23,822–23,693 के दायरे में आता है तो फिर से खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। जबकि 23,693 से नीचे गिरने पर 23,465 की ओर और गिरावट आ सकती है।
SBI सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सनी अग्रवाल ने कहा कि बैंक शेयरों में आज की गिरावट ज़्यादातर प्रॉफ़िट बुकिंग का मामला है। बैंकिंग शेयरों में हाल में काफ़ी उछाल आया है। लगभग 50,000 के हाल के निचले स्तरों से यह 56,000 तक भागा था। इस तेज़ी के चलते निवेशक अपने मुनाफ़े को समेटने में जुट गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि फंडामेंटली कुछ भी नहीं बदला है। कल का RBI का फैसला उम्मीदों के मुताबिक ही रहा। कैपिटल एडिक्वेसी कैलकुलेशन के लिए NPA प्रोविजनिंग नॉर्म्स में बदलाव बैंकों के लिए अच्छा संकेत है। इससे खासकर ऐसे माहौल में जहां डिपॉजिट जुटाना मुश्किल हो गया है, लिक्विडिटी बढ़ाने और क्रेडिट कॉस्ट को बेहतर बनाने में मदद मिलने की संभावना है। प्रोविजनल बिजनेस अपडेट्स को देखते हुए,बैंकिंग सेक्टर इस तिमाही में 13–15 फीसदी क्रेडिट ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में दिख रहा है।
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