Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 28 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook :सेंसेक्स 539 अंक यानी 0.70% गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 117 अंक यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ। व्यापक बाज़ार में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।
Market Outlook: BSE मंथली एक्सपायरी पर बाजार में दबाव देखने को मिला। निफ्टी- सेंसेक्स गिरावट पर बंद हुए।
Market Outlook: BSE मंथली एक्सपायरी पर बाजार में दबाव देखने को मिला। निफ्टी- सेंसेक्स गिरावट पर बंद हुए। इसकी वजह ग्लोबल बाज़ार से मिले-जुले संकेत और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में बढ़ोतरी थी। मिडकैप, स्मॉलकैप इंडेक्स की फ्लैट क्लोजिंग रही। फार्मा, डिफेंस शेयरों में खरीदारी रही।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 539 अंक यानी 0.70% गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 117 अंक यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ। व्यापक बाज़ार में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 150 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 0.12% की गिरावट आई।
वेल्सपन कॉर्प, HFCL, सोलर इंडस्ट्रीज, जिंदल सॉ, एंथम बायोसाइंसेज, एथर इंडस्ट्रीज, लॉरस लैब्स, ग्लेनमार्क फार्मा, डिविस लैब्स, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्यूटिकल्स और JSW स्टील समेत 140 से ज़्यादा शेयरों ने 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि एक्सपायरी की वजह से होने वाली उठा-पटक और मिडिल ईस्ट में किसी कूटनीतिक सफलता की कमी के कारण, शॉर्ट टर्म में मार्केट एक दायरे में ही बने हुए हैं। हालांकि कंपनियों की कमाई के अनुमानों में एनर्जी की ऊंची कीमतों का असर काफी हद तक शामिल है, लेकिन हाल ही में कच्चे तेल की कीमतों और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में आई कमी से महंगाई के आउटलुक को सपोर्ट मिल रहा है। इस बीच, FII का निवेश और कंपनियों की कमाई की मज़बूत रफ़्तार भारतीय इक्विटी, खासकर मिड-कैप शेयरों के लिए मददगार बनी हुई है। मिड-कैप के कई सेगमेंट ग्लोबल अनिश्चितताओं से काफी हद तक बचे हुए हैं और मजबूत घरेलू मांग के रुझानों का फ़ायदा उठा रहे हैं।
इन्वेस्टर फेड चेयरमैन के आने वाले जैक्सन होल भाषण पर भी बारीकी से नजर रखेंगे, जिसमें महंगाई, ब्याज दरों और पॉलिसी आउटलुक के बारे में संकेत मिल सकते हैं। इन संकेतों का ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट और उभरते बाज़ारों में कैपिटल फ़्लो पर असर पड़ सकता है।
28 अगस्त को कैसी होगी बाजार की चाल
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट,रूपक डे ने कहा किइंडेक्स डेली टाइमफ्रेम पर 'राइजिंग चैनल' के नीचे आ गया है, जो बाजार में मंदी (बेयरिशनेस) बढ़ने का संकेत है।इसके अलावा, इंडेक्स 50EMA के नीचे गिर गया है, जो कमजोर होते ट्रेंड की पुष्टि करता है। डेली RSI भी अपनी 'राइजिंग ट्रेंडलाइन' के नीचे आ गया है, जो मोमेंटम में और कमी का संकेत है।
निकट भविष्य में और कमजोरी आ सकती है, जिससे निफ्टी 23,900 और उससे नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 24,200/24,350 पर है।
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 117 अंक नीचे बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 539 अंक गिरा। सेक्टर की बात करें तो कुछ चुनिंदा फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में इंट्राडे खरीदारी देखी गई, जबकि कैपिटल मार्केट इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर, डेली चार्ट पर बाजार ने एक 'बेयरिश कैंडल' बनाया है और इंट्राडे चार्ट पर यह 'लोअर टॉप फॉर्मेशन' दिखा रहा है, जो काफी हद तक नेगेटिव है।
हमारा मानना है कि इंट्राडे मार्केट का मिजाज कमजोर है, लेकिन अगर बाजार 24,100/77,000 के सपोर्ट ज़ोन के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है, तो एक टेक्निकल बाउंस बैक की उम्मीद की जा सकती है। इस लेवल के ऊपर, यह 24,250-24,300/77,500-77,700 तक वापस आ सकता है। दूसरी ओर, 24,000/76,700 के नीचे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे, बाजार 23,900-23,850/76,500-76,200 तक गिर सकता है।
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