Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook :जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि ईरान पर अमेरिका के जिन प्रतिबंधों का बेसब्री से इंतज़ार था वे बाजार की उम्मीदों से कम रहे। इससे कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड अपने हालिया हाई से नीचे आ गए। एनर्जी की लागत में इस राहत की वजह से आज मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में थोड़ी तेजी रही
Market Outlook : वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी की बड़ी ट्रेडिंग रेंज 57,000 से 58,000 के बीच है,जिसमें 58,000–58,200 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस जोन का काम कर रहा है
Market Outlook : 25 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे एक्सपायरी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 286.98 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 पर और निफ्टी 115.50 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ। लगभग 1993 शेयरों में बढ़त रही, 2153 शेयरों में गिरावट आई और 156 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,इंटरग्लोब एविएशन,मैक्स हेल्थकेयर,अपोलो हॉस्पिटल्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में सिप्ला,HDFC लाइफ, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,ONGC और कोल इंडिया शामिल रहे।
सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल,इंफ्रा,IT,मीडिया,फार्मा और PSU बैंक में 0.5% तक की बढ़त दिखी। जबकि एनर्जी,मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टर में बिकवाली आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि ईरान पर अमेरिका के जिन प्रतिबंधों का बेसब्री से इंतज़ार था वे बाजार की उम्मीदों से कम रहे। इससे कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड अपने हालिया हाई से नीचे आ गए। एनर्जी की लागत में इस राहत की वजह से आज मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में थोड़ी तेजी रही।
हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेक्टर ने शेष बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू बॉन्ड बाजार में कुछ स्थिरता के संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने डिफेंसिव और घरेलू इकोनॉमी पर फोकस्ड सेक्टरों की ओर रुख किया।
बाजार की नजर अब महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक के बारे में अंदाजा लगाने के लिए महंगाई के आने वाले आंकड़ों और इस हफ्ते के आखिर में होने वाले फेड चेयर के भाषण पर है।
हालांकि,भारतीय इक्विटी मार्केट में नियर टर्म में सावधानी बनी रहने की उम्मीद है,क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड हाई लवेल पर बने हुए हैं। निवेशक मिडिल ईस्ट के जियोपॉलिटिकल हालात में अचानक होने वाले बदलावों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
निफ्टी व्यू
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि अगस्त F&O सीरीज की एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी 115.50 अंक ऊपर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 287 अंकों की बढ़त रही। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी अहम सेक्टर इंडेक्स में निचले स्तरों पर खरीदारी दिखी। लेकिन हेल्थकेयर,डिजिटल और टूरिज्म इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई।
टेक्निकली,कमज़ोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने 24,100 के पास सपोर्ट लिया और तेज वापसी की। दिन के निचले स्तर से निफ्टी 200 अंक से ज्यादा सुधरा। निचले स्तरों से यह अच्छी रिकवरी और डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल मौजूदा स्तरों से और तेजी का संकेत देते हैं।
डे ट्रेडर्स के लिए, 24,200 पर स्थित 50-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) एक अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। अगर मार्केट इस स्तर के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो 24,500-24,550 की ओर तेजी जारी रह सकती है। दूसरी ओर अगर निफ्टी 24,200 से नीचे गिरता है तो तेजी का ट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।
बैंक निफ्टी व्यू
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है और इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज के आसपास ऊपर-नीचे हो रहा है। इंडेक्स अभी 200-DMA के करीब है,जबकि 20-DMA और 50-DMA मौजूदा लेवल से थोड़ा ऊपर हैं,जिससे साफ दिशा का पता नहीं चल रहा है।
बैंक निफ्टी की बड़ी ट्रेडिंग रेंज 57,000 से 58,000 के बीच है,जिसमें 58,000–58,200 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस जोन का काम कर रहा है। इस रेंज से कोई भी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन ही अगली दिशा तय करेगा। तब तक,ट्रेडर्स सख्त स्टॉप-लॉस के साथ रेंज-बाउंड अप्रोच अपना सकते हैं।
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