Market Outlook : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 नवंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market Outlook : PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों में राहत के चलते तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के मजबूत नतीजों के दम पर सेंसेक्स में लगभग 900 अंकों की बढ़त देखने को मिली। जबकि निफ्टी 23,200 के स्तर के ऊपर बना रहा
Market Outlook : भारतीय इक्विटी बाज़ार ने हफ्ते की मज़बूत शुरुआत की। इसे उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों और घरेलू स्तर पर मिल रहे अच्छे संकेतों का सपोर्ट मिला
Market Outlook : 2 नवंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) जैसे बड़े शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी 23,300 के स्तर को पार कर गया। RIL ने मजबूत Q2 नतीजे पेश किए, जिसके बाद इसके शेयरों में करीब 11.5% की तेजी आई। हालाँकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ईरान युद्ध को खत्म करने की बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी और अक्टूबर में मजबूत GST कलेक्शन ने भी बाजार को सपोर्ट किया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में 11% से अधिक की तेजी आई,जो अप्रैल 2020 के बाद से एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी बढ़त है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड कमाई और ब्रोकरेज फर्मों के बुलिश नजरिए के चलते कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 17 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 1,233.25 अंक या 1.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,692.78 पर और निफ्टी 387.70 अंक या 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,440.80 पर बंद हुआ।
ब्रॉडर इंडिसेस का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्सों के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस, कोल इंडिया और जेएसडब्ल्यू स्टील शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ शामिल रहे।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT, मीडिया और फार्मा में 0.5% की गिरावट आई, जबकि एनर्जी, PSU बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इंफ्रा, ऑटो और ऑयल एंड गैस में 1 से 4.6% की तेजी रही।
एक्सपर्ट्स की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाज़ार ने हफ्ते की मज़बूत शुरुआत की। इसे उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों और घरेलू स्तर पर मिल रहे अच्छे संकेतों का सपोर्ट मिला। अक्टूबर में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी से त्योहारों के दौरान अच्छी मांग का संकेत मिला जिससे बाज़ार का उत्साह और बढ़ा। इसके साथ ही GST कलेक्शन में भी बढ़त हुई,जो घरेलू खपत और आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को दिखाता है।
ग्लोबल मार्केट के संकेत भी अच्छे रहे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई कूटनीतिक कोशिशों ने एनर्जी लागत और भू-राजनीतिक जोखिमों से जुड़ी चिंताओं को कम करने में मदद की।
विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी लौटने और ग्लोबल स्तर पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े रुझानों ने भी भारतीय इक्विटी बाजार को सहारा दिया। यह तेजी छोटे-मझोले शेयरों तक फैल गई,जिसमें मिड-कैप और स्मॉल कैप इंडेक्सों में भी उछाल आया। यह बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आज,भारतीय इक्विटी बाजार लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,233 अंक बढ़कर लगभग 75,692 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 388 अंक बढ़कर 23,440 पर बंद हुआ। इस तेज़ी को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के मज़बूत Q2 नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और FII को टैक्स राहत मिलने की खबरों से सपोर्ट मिला। आगे बाजार की दिशा तय करने में अमेरिका-ईरान से जुड़ी घटनाओं,विदेशी निवेशकों के रुझान और आने वाले Q2 नतीजों की अहम भूमिका रहेगी। आज बाजार में आई तेजी यह दर्शाती है कि निवेशक अभी भी सोच-समझकर और चुनिंदा निवेश कर रहे हैं।
PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों में राहत के चलते तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के मजबूत नतीजों के दम पर सेंसेक्स में लगभग 900 अंकों की बढ़त देखने को मिली। जबकि निफ्टी 23,200 के स्तर के ऊपर बना रहा। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड 3.3% गिरकर 109.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे महंगाई और कंपनियों के मार्जिन को लेकर बनी चिंताएं कम हुईं हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही मुनाफे में सालाना आधार पर 33.8% की बढ़ोतरी के बाद इसके शेयरों में आज 8% से ज्यादा का उछाल आया। जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे में 13.7% की बढ़त के चलते इसके शेयरों में 3% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
मेटल, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि IT और प्राइवेट बैंकों के शेयर दबाव में रहे। पिछले सत्र में FIIs ने ₹3,598.54 करोड़ की खरीदारी की थी। आगे चलकर,विदेशी निवेश का लगातार आना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और कंपनियों की कमाई का दायरा यह तय करेगा कि यह रिकवरी एक टिकाऊ ट्रेंड में बदलती है या नहीं।
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