Market outlook : सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market trend : भारत का मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक मज़बूत बना हुआ है। घटती महंगाई, कम होती ब्याज दर, अच्छे मानसून और तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। लगातार आठ महीनों से महंगाई में आ रही गिरावट ने बाजार को बल दिया है। हालांकि,निवेशक वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही की कॉर्पोरेट नतीजों से उम्मीदें लगाए बैठे हैं

अपडेटेड Jul 16, 2025 पर 4:53 PM
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Market cues: पिछले दो महीनों से बाज़ार एक सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव कर रहा है। इस दायरे के ऊपरी बैंड से ऊपर निफ्टी के 25,500 से आगे जाने के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर की ज़रूरत है

Stock Market : निफ्टी वीकली एक्सपायरी से पहले बाजार में कंसोलिडेशन देखने को मिला है। सेंसेक्स और निफ्टी की फ्लैट क्लोजिंग हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी सपाट बंद हुए हैं। PSU बैंक, IT और ऑटो इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए हैं। रियल्टी और FMCG इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। मेटल, फार्मा और PSE शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। निफ्टी 16 अंक चढ़कर 25,212 पर बंद हुआ है। वहीं, सेंसेक्स 64 अंक चढ़कर 82,634 पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 162 प्वाइंट चढ़कर 57,159 पर बंद हुआ है। मिडकैप 8 प्वाइंट चढ़कर 59,621 पर बंद हुआ है। निफ्टी के 50 में से 29 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में गिरावट रही है। निफ्टी बैंक के 12 में से 8 शेयरों में तेजी देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारत का मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक मज़बूत बना हुआ है। घटती महंगाई, कम होती ब्याज दर, अच्छे मानसून और तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। लगातार आठ महीनों से महंगाई में आ रही गिरावट ने बाजार को बल दिया है। हालांकि,निवेशक वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही की कॉर्पोरेट नतीजों से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। क्योंकि प्रीमियम वैल्यूएशन वाले शेयर बाजार के लिए अर्निंग ग्रोथ बहुत अहम फैक्टर है।

इसके अलावा टैरिफ संबंधी चिंताओं के कारण ग्लोबल सेंटीमेंट मिलाजुला है। तांबे पर 50 फीसदी टैरिफ के ऐलान से यह चिंता बढ़ी है। महंगाई में नरमी के कारण निकट भविष्य में अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है।


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले दो महीनों से बाज़ार एक सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव कर रहा है। इस दायरे के ऊपरी बैंड से ऊपर निफ्टी के 25,500 से आगे जाने के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर की ज़रूरत है। निवेशक मौजूदा आय सीज़न के साथ-साथ ट्रंप के टैरिफ़ पर चल रही चर्चाओं पर भी नज़र रखे हुए हैं।

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चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट हार्दिक मटालिया ने कहा कि 25,000 का स्तर अब एक अहम सपोर्ट स्तर हैअगर यह स्तर पार हो जाता है, तो यह 24,700 तक और नीचे जा सकता है। ऊपर की ओर, तत्काल रेजिस्टेंस 25,200 पर है। इसके बाद 25,378 और 25,500 के बीच एक बड़ा रेजिस्टेंस है। बाजार को नई तेजी पकड़ने के लिए इस जोन से ऊपर एक ब्रेकआउट की जरूरत है।

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