Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 6 जनवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Stock Market : अमेरिका की सेना द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के बाद बढ़े जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों ने कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग की। हालांकि, वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों का ग्लोबल बाजारों पर कोई खास असर नहीं पड़ा
Market cues : बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स, बैंक निफ्टी में भी सोमवार को नया ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। इसने दोनों तरफ छोटी शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है
Market Outlook : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 5 जनवरी को नेगेटिव नोट पर बंद हुए, निफ्टी आज 26250 पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 पर और निफ्टी 78.25 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 26,250.30 पर बंद हुआ। निफ्टी के टॉप लूज़र्स में HDFC बैंक, HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो, ONGC शामिल रहे। जबकि गेनर्स में नेस्ले इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आयशर मोटर्स, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील शामिल रहे।
अमेरिका की सेना द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के बाद बढ़े जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों ने कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग की।
हालांकि, वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों का ग्लोबल बाजारों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। एशिया में,जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी दोनों 3% से ज़्यादा चढ़े, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट 1% से ज़्यादा बढ़ा। यूरोप में, जर्मनी का DAX एक प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा। जब सेंसेक्स बंद हुआ, तब UK का FTSE और फ्रांस का CAC 40 हरे निशान में थे।
BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स फ्लैट नोट पर बंद हुए। सेक्टरों में, IT, ऑयल एंड गैस, टेलीकॉम 0.5-1 प्रतिशत नीचे बंद हुए। जबकि, रियल्टी इंडेक्स 2 प्रतिशत चढ़ा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 1 प्रतिशत बढ़ा और मेटल और FMCG इंडेक्स में प्रत्येक में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाज़ार ने 2026 के पहले फुल वीक की शुरुआत सावधानी के साथ की है। भारत में 10-साल की बॉन्ड यील्ड पर सरकारी उधारी बढ़ने के अनुमान का असर देखने को मिला है। अच्छी बात यह है कि नवंबर की गिरावट के बाद दिसंबर में GST कलेक्शन में तेज़ी आई है। जबकि मैन्युफैक्चरिंग PMI में थोड़ी नरमी आई लेकिन यह पॉजिव दायरे में बनी हुई है। Q3 के अपडेट्स में बैंक के क्रेडिट/एडवांस ग्रोथ में बढ़त देखने को मिली है। इससे बाजार को सपोर्ट मिला है।
अब निवेशकों की नजरअमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों और फेड की गाइडेंस पर है। बैंक ऑफ जापान सख्त पॉलिसी के संकेत दिए है। बाजार का फोकस Q3 नतीजों पर होगा। ये बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि नया ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद इंडेक्स में प्रॉफिट-बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी हाल के ब्रेकआउट लेवल से ऊपर बंद हुआ है। ऐसे में शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मज़बूत बना हुआ है। RSI और अहम मूविंग एवरेज जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स पॉजिटिव पोजीशन बनाए हुए हैं।
नीचे की ओर निफ्टी के लिए 26,170–26,200 के ज़ोन में सपोर्ट है। 26,170 से नीचे जाने पर 26,000 की ओर गिरावट बढ़ सकती है। निफ्टी के लिए ऊपर की ओर 26,370–26,400 के ज़ोन में रेजिस्टेंस है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे चलकर, निफ्टी के लिए 26130-26100 का ज़ोन एक अहमसपोर्ट का काम करेगा। ऊपर की तरफ, 26370-26400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। 26400 से ऊपर की टिकाऊ चाल इसे 26550 के लेवल तक ले जा सकती है।
बैंक सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स, बैंक निफ्टी में भी सोमवार को नया ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। इसने दोनों तरफ छोटी शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है।
आगे चलकर, 60400-60500 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। 60500 के लेवल से ऊपर कोई भी बढ़त शॉर्ट टर्म में 61100 तक और उसके बाद 61600 तक जा सकती है। नीचे की तरफ, 59700-59600 का ज़ोन इंडेक्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा।
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