वायदा में आने के चंद दिनों बाद ही प्रीमियर एनर्जी और वारी एनर्जीज में तगड़ी बिकवाली देखने को मिली है। आज प्रीमियर एनर्जी 6% टूटकर वायदा का टॉप लूजर बना है। वारी एनर्जीज भी 5% से ज्यादा गिरा है। दरअसल जब से दोनों शेयर वायदा में आए हैं तब से इनकी गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। लेकिन आज की गिरावट की मुख्य वजह पावर सेक्टर पर बर्नस्टीन (BERNSTEIN)की रिपोर्ट रही है। इस रिपोर्ट में क्या है ये बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के यतिन मोता ने कहा कि सरकार ने टेंडर देने की प्रक्रिया धीमी कर दी है। आगे इसका असर कंपनी के नतीजों पर दिख सकता है।
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में अबतक पावर डिमांड 0.7% घटी है। वित्त वर्ष 2027 में सोलर पावर एडिशन में धीमापन मुमकिन है। वित्त वर्ष 2027 में रिन्यूएबल पावर एडिशन घट सकता है। पहले के 55 GW के मुकाबले अब वित्त वर्ष 2027 में सालाना आधार पर 35 GW एडिशन संभव है। ग्रिड क्षमता की रुकावटें सोलर जनरेटरों पर असर डाल सकती हैं। ब्रोकरेज हाउस ने वारी एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी दोनों की रेटिंग घटाई है।
Bernstein ने वारी एनर्जी को अंडरपरफॉर्म रेटिंग देते हुए 2,109 रुपए का टारगेट दिया है। वहीं, इसने प्रीमियर एनर्जी को अंडरपरफॉर्म रेटिंग देते हुए 718 रुपए का टारगेट दिया है।
वारी एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी पर एक्सपर्ट्स की राय है कि सोलर मॉड्यूल की कीमतें तिमाही आधार पर 6-8% घटी हैं। सोलर मॉड्यूल कीमतें घटने से इनके मार्जिन घटेंगे। F&O ने भी इन स्टॉक्स की टेंशन बढ़ाई है। सोलर कंपनियों के लिए F&O सिरदर्द बन गया है। जनवरी सीरीज से वारी एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी F&O में जुड़े है। F&O में जुड़ने के बाद से ये शेयर लगातार टूटे हैं। वारी एनर्जी 5 दिनों में 7.3 फीसदी फिसला है। वहीं, इस अवधि में प्रीमियर एनर्जी में 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
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