Market outlook : चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों और बेहतर मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई डेटा से बाजार को कल अच्छा सपोर्ट मिला। इसके चलते कमजोर मानसून, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिलेजुले संकेतों को नजरअंदाज करते हुए बेंचमार्क इंडेक्स 1 सितंबर को बढ़त के साथ बंद हुए। 1 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में बीएसई सेंसेक्स 0.77 फीसदी या 500.65 अंक बढ़कर 65387.16 पर और निफ्टी 50 इंडेक्स 0.87 फीसदी या 169.5 अंक बढ़कर 19435.30 पर बंद हुआ। इस हफ्ते दिग्गजों की तुलना में छोटे-मझोले शेयरों ने ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई मिड-कैप, बीएसई स्मॉल-कैप और बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स में क्रमशः 2.3 फीसदी, 3.8 फीसदी और 1 फीसदी की बढ़त हुई।
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने कहा कि बीते हफ्ते भारतीय इक्विटी मार्केट में अच्छी तेजी देखने को मिली। इस हफ्ते बीएसई-30 और एनएसई-50 जैसे बड़े इंडेक्सों में लगभग 1 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो बीएसई मेटल्स और बीएसई रियल्टी सूचकांकों में 5 फीसदी से ज्यादा की साप्ताहिक बढ़त देखने को मिली है। इसके साथ ही बीएसई कमोडिटीज, बीएसई ऑटो, बीएसई कैपिटल गुड्स और बीएसई पावर भी तेजी के साथ बंद हुए हैं। दूसरी ओर, बीएसई एफएमसीजी में गिरावट देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रही है। निकट अवधि में बाजार की नजर अगस्त में कमजोर मानसून के असर और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त पर रखने की उम्मीद है।
अगल-अलग सेक्टर्स की बात करें तो बीते हफ्ते बीएसई मेटल इंडेक्स 6 फीसदी, बीएसई रियल्टी इंडेक्स 5.7 फीसदी, बीएसई टेलीकॉम इंडेक्स 4.5 फीसदी और बीएसई पावर और ऑटो इंडेक्स 3.4 फीसदी बढ़े हैं। वहीं, बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स 0.5 फीसदी टूटा है।
बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3.8 फीसदी बढ़कर बंद हुआ है। रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, इंडिया पेस्टिसाइड्स, ऑप्टिमस इंफ्राकॉम, एचएलवी, टेक सॉल्यूशंस, रतनइंडिया पावर, अतुल ऑटो, जय बालाजी इंडस्ट्रीज, गोकलदास एक्सपोर्ट्स, सेरेबरा इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजीज, पोकर्ण, यूफ्लेक्स, कॉफी डे एंटरप्राइजेज, स्किपर और शारदा मोटर इंडस्ट्रीज में 25-46 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
वहीं, दूसरी ओर जीएनए एक्सल्स, डिजीस्पाइस टेक्नोलॉजीज, कुआंटम पेपर्स, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज, न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया में 10-46 फीसदी की गिरावट आई है।
बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार छठे हफ्ते बिकवाली जारी रखी और उन्होंने 4311.58 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इस सप्ताह 9570.03 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। हालांकि, अगस्त के महीने में, FII ने 20620.65 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची और DII ने 25016.95 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि डेली और इंट्राडे चार्ट पर, निफ्टी ने डबल बॉटम फॉर्मेशन बनाया है। ये एक नई रैली की मजबूत संभावना का संकेत है। इसके अलावा निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडलिस्टिक बनाया है। ये भी मौजूदा स्तरों से और तेजी आने की संभावना है। अब तेजड़ियों के लिए, 19350 एक सपोर्ट जोनके रूप में कार्य करेगा। इससे ऊपर इंडेक्स 19,575 तक उछल सकता है। हालांकि, 19350 से नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर होगा और निफ्टी 19275-19220 तक फिसल सकता है।
बैंक निफ्टी ट्रेडर्स के लिए 44,200 पर मजबूत सपोर्ट है। अगर ये सपोर्ट बना रहता है तो फिर इसमें 44700 और 45000 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर 44200 से नीचे जाने पर निफ्टी 43900-43700 के स्तर तक फिसल सकता है।
शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने 19250 के जोन से तेज वापसी की है। डेली और ऑवरली मोमेंटम इंडीकेटर्स ने डाइवर्जेंस के साथ एक पॉजिटिव क्रॉसओवर शुरू कर दिया है जो निफ्टी में शॉर्ट टर्म में और तेजी आने का संकेत है। वीकली चार्ट पर निफ्टी लगातार पांच हफ्तों तक गिरने के बाद हरे निशान में बंद हुआ है। ये इस बात का संकेत है कि इंडेक्स उस जोन में पहुंच गया है जहां से फिर से खरीदारी आ सकती है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में निफ्टी में तेजी देखने को मिल सकती है। ऊपर की ओर निफ्टी 19650 की तरफ जाता दिख सकता है। 19330 - 19300 पर इसके लिए सपोर्ट है। वहीं, 19520 - 19550 पर रजिस्टेंस नजर आ रहा है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।