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Market outlook : निफ्टी 24750 से नीचे, सेंसेक्स 885 अंक टूटा, जानिए 5 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market news : फार्मा और हेल्थ केयर को छोड़कर दूसरे सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, एनर्जी, पीएसयू बैंक, आईटी, मेटल और रियल्टी में 1-3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी गिरा है। यूएस फेड द्वारा सितंबर में दर में कटौती के संकेत के बावजूद ग्लोबल बाजार कंसोलीडेट हो रहे हैं क्योंकि इस खबर को बाजार पहले से ही पचा चुके हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 02, 2024 पर 4:30 PM
Market outlook : निफ्टी 24750 से नीचे, सेंसेक्स 885 अंक टूटा, जानिए 5 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market : निफ्टी ने आज गिरावट के साथ शुरुआत की और पूरे दिन के दौरान में इसमें कमजोरी बनी रही। अंत में यह 293 अंक गिरकर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी पिछले चार कारोबारी सत्रों के निचले स्तर पर बंद हुआ है

Stock Market : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों ने लगातार पांच दिनों की तेजी का सिलसिला तोड़ दिया। 2 अगस्त को निफ्टी 24750 से नीचे गिरकर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 885.60 अंक या 1.08 फीसदी नीचे 80,981.95 पर और निफ्टी 293.20 अंक या 1.17 फीसदी गिरकर 24,717.70 पर बंद हुआ। आज लगभग 1426 शेयरों में तेजी आई, 1960 शेयरों में गिरावट आई और 83 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डिविस लैब्स, एचडीएफसी बैंक, डॉ. रेड्डीज लैब्स, सन फार्मा और कोटक महिंद्रा बैंक रहे।

फार्मा और हेल्थ केयर को छोड़कर दूसरे सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, एनर्जी, पीएसयू बैंक, आईटी, मेटल और रियल्टी में 1-3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी गिरा है।

5 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाजार में आज व्यापक आधार वाली बिकवाली देखने को मिली। इसको देखते हुए लगता कि आगे बढ़ने के लिए किसी नए ट्रिगर के अभाव के कारण बाजार थक सा गया है। अब तक आए पहली तिमाही के नतीजे कमजोर रहे हैं, जबकि मिड और स्मॉलकैप का वैल्युएशन काफी महंगा बना हुआ है। इस बीच, यूएस फेड द्वारा सितंबर में दर में कटौती के संकेत के बावजूद ग्लोबल बाजार कंसोलीडेट हो रहे हैं क्योंकि इस खबर को बाजार पहले से ही पचा चुके हैं। इसके अलावा अमेरिकी आईटी सेक्टर की कमजोर आय, बेरोजगारी में संभावित बढ़त, बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और चीन की ग्रोथ में मंदी सभी बाजार की धारणा को कमजोर कर रहे हैं।

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