Market news : भारी उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज 1 जनवरी को मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुए हैं। बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई जिसके चलते आज सेंसेक्स-निफ्टी ऊपरी स्तर से फिसल गए। हालांकि ये मामूली बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी पर नेस्ले इंडिया, अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा और विप्रो आज के टॉप गेनर रहे। जबकि आयशर मोटर्स, भारती एयरटेल, एमएंडएम, बजाज ऑटो और एचडीएफसी बैंक निफ्टी के टॉप लूजर रहे। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो हेल्थकेयर, एफएमसीजी, तेल और गैस, पीएसयू बैंक हरे निशान में बंद हुए हैं जबकि ऑटो और बैंकिंग में कुछ बिकवाली देखने को मिली है।
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ब्रॉडर इंडेक्सों ने सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 31.68 अंक या 0.04 फीसदी की हल्की बढ़त के साथ 72,271.94 पर और निफ्टी 10.50 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 21,741.90 पर बंद हुआ है। आज लगभग 2394 शेयर बढ़े हैं। 1015 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। जबकि 107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
2 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि पूरे कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में उतार-चढ़ाव बना रहा क्योंकि ट्रेडर्स अनिर्णय की स्थिति में रहे। ऑवरली चार्ट पर, निफ्टी हरे निशान में बंद होने से पहले इंट्राडे में 20 ईएमए से नीचे गिर गया। अब अगर निफ्टी 21650 से नीचे फिसलता है तो फिर इसमें और कमजोरी आएगी। वहीं, अगर ऊपर की तरफ ये 21750 से ऊपर क्लोज होने में कामयाब रहता है तो फिर इसमें और तेजी आएगी।
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि बाजार ने नए साल की शुरुआत धीमी गति से की। लेकिन पीएसयू बैंकों और आईटी शेयरों ने बढ़त बनाई और सूचकांक को नुकसान से उबरने में मदद की। मिड और स्मॉलकैप ने अपनी सुबह की बढ़त को आगे बढ़ाया और फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया।
डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक ग्रेवस्टोन डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है जो ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का संकेत है। बियरिश डाइवर्जेंस की संभावना अभी भी बनी हुई है और अगर इसकी पुष्टि हो जाती है, तो हमे 21,500 तक का करेक्शन देखने को मिल सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 21,800 से ऊपर से जाकर मजबूती दिखाता है तो फिर इसमें और तेजी आएगी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर
ब्याज दरों में कटौती, ग्लोबल स्तर पर महंगाई में कमी और बॉन्ड यील्ड में नरमी के चलते बाजार में तेजी का महौल बना है। लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली दिखाई दे रही है क्योंकि लाल सागर में हूती आतंकवादियों की हरकतें ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं। इस हफ्ते बाजार की नजरें FOMC के मिनट्स पर भी रहेंगी। इससे 2024 में दर में कटौती के लिए जानकारी मिल सकती है। अच्छे मैक्रो-आउटलुक के दम पर मिड और स्मॉल कैप में मजबूती बनी हुई है, हालांकि निजी बैंकों में कमजोरी देखने को मिली है।
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