Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market Outlook : अजीत मिश्रा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों का भरोसा कम हुआ है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और ग्लोबल ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं,जिसका असर उभरते बाज़ारों पर पड़ सकता है
Market Outlook: सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23780-23750 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है
Market Outlook : खराब ग्लोबल संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार आज गिरावट के साथ खुले। निफ्टी 23,858 पर खुला और 23,786.8 के निचले स्तर तक गया,लेकिन फिर लगभग 100 अंक की रिकवरी के साथ 23,914.45 (0.58% नीचे) पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए भी आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहा। यह 76,471.32 पर खुला और 76,135.72 के निचले स्तर तक गया,लेकिन 400 से ज्यादा अंकों की रिकवरी के साथ 76,570.35 (0.49% नीचे) पर बंद हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में आयशर मोटर्स,विप्रो,बजाज ऑटो,एशियन पेंट्स और M&M शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में कोल इंडिया,अदाणी पोर्ट्स,बजाज फिनसर्व,अदाणी एंटरप्राइजेज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।
एनर्जी और ऑयल एंड गैस को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो,इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और मीडिया सेक्टर में 1.2 से 1.8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी व्यू
रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि बुधवार को कमजोर ग्लोबल संकेतों और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच बाजार में जबरदस्त गिरावट आई और यह 0.50 फीसदी से ज्यादा गिर गया। नेगेटिव ग्लोबल संकेतों के कारण निफ्टी 'गैप डाउन' के साथ खुला और जैसे-जैसे अलग-अलग सेक्टर में बिकवाली बढ़ी,गिरावट और गहरी होती गई। हालांकि,आखिरी घंटे में रिकवरी से कुछ नुकसान की भरपाई हुई और इंडेक्स आखिरकार 23,914.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.49% गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ।
यह गिरावट काफी हद तक हर सेक्टर में देखी गई। ऑटो,IT और FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट आई,जबकि एनर्जी शेयरों ने इस ट्रेंड के उलट मजबूती दिखाई। ब्रॉडर मार्केट पर भी दबाव रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग आधे परसेंट गिरे,जो मार्केट में सावधानी का संकेत है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों का भरोसा कम हुआ है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और ग्लोबल ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं,जिसका असर उभरते बाज़ारों पर पड़ सकता है। जियोपॉलिटिकल तनाव और बढ़ने के डर से मार्केट में लोगों ने अपना एक्सपोज़र कम किया,जिससे उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया।
टेक्निकल नज़रिए से देखें तो,इस तेज गिरावट ने निफ्टी को हमारे शुरुआती डाउनसाइड टारगेट और 23,800 के लेवल के आस-पास के सपोर्ट के करीब पहुंचा दिया है। अगर यह लेवल टूटता है,तो गिरावट 23,600 के मार्क तक बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ,24,000 का पिछला सपोर्ट लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और रिकवरी होने पर 24,150 का लेवल अगली रुकावट हो सकता है। ज्यादा उतार-चढ़ाव और ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए सलाह है कि बाजार में सावधानी बरतें,अपनी पोजीशन का साइज़ कम रखें और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान दें।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गैप-डाउन शुरुआत के बाद इंडेक्स में दिन के दौरान रिकवरी तो दिखी, लेकिन यह गिरावट के साथ बंद हुआ। मार्केट में लगातार बिकवाली के दबाव के बीच निफ्टी एक'राइजिंग चैनल'से नीचे आ गया है।
आज दिन भर कमजोरी बनी रही,भले ही बीच में थोड़ी रिकवरी हुई। शॉर्ट टर्म में मौजूदा मंदी का माहौल जारी रहने की संभावना है और जब तक इंडेक्स 24,000 के नीचे है तब तक उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है। निचले स्तर पर गिरावट 23,700–23,730 के लेवल तक बढ़ सकती है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी आज लगभग 200 अंकों की गिरावट के साथ खुला, लेकिन पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर एक ही दायरे में बना रहा और आखिर में 0.59% गिरकर 23914 पर बंद हुआ। अमेरिका और जापान में बॉन्ड यील्ड में बढ़त, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और FII के कम होते निवेश, इन सभी बातों ने मार्केट के सेंटीमेंट पर काफी असर डाला।
निफ्टी ने 27 जुलाई को बने 68 अंकों के गैप को भर दिया। इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ शैडो (lower shadow) दिख रही है। यह गैप-डाउन ओपनिंग के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,टेक्निकल सेटअप अभी भी मंदी वाला बना हुआ है। RSI 40 के स्तर से नीचे आ गया है,जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे चली गई है,जो मोमेंटम में कमजोरी का संकेत है। ADX भी बढ़ने लगा है,जो मंदी के ट्रेंड के मज़बूत होने का संकेत दे रहा है।
आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23780-23750 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23600 और फिर 23450 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24030-24050 जोन में है।
बैंक निफ्टी व्यू
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में रहा,अंत में 0.41% गिरकर 57,172 पर बंद हुआ।
गैप-डाउन ओपनिंग के कारण अगस्त के 1246 अंकों के कंसोलिडेशन दायरे से ब्रेकडाउन हुआ। हालांकि,निचले स्तरों पर आई खरीदारी ने इंडेक्स को रिकवर करने और वापस अगस्त के ट्रेडिंग दायरे में बंद होने में मदद की। बैंक निफ्टी पर काफी हद तक स्थिर ADX यह संकेत देता है कि इसमें कोई खास उतार-चढ़ाव या डायरेक्शनल मजबूती नहीं है।
आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56800-56700 जोन में होगा जो 200-डे EMA के साथ मेल खाता है। अगर यह इस जोन के नीचे टिका रहता है, तो बैंक निफ्टी में कमजोरी 56400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 56000 तक बढ़ सकती है। ऊपर की ओर बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।
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