Market Outlook : सेंसेक्स-निफ्टी लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 2 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook : आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफ़िट बुकिंग जारी रही। निफ्टी 165 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 508 अंक नीचे रहा। सेक्टर्स की बात करें तो IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा फायदे में रहा,जिसमें 2.55 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई। जबकि FMCG इंडेक्स को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ
Market Outlook : बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाज़ार की दिशा तय करने में RBI की कमेंट्री और पश्चिम एशिया में होने वाली घटनाओं की अहम भूमिका होगी
Market Outlook : आज भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। 1 जून को निफ्टी 23,400 के नीचे चला गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 74,267.34 पर और निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 23,382.60 पर बंद हुआ। लगभग 1505 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई,2665 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
ऑटो,पावर,FMCG, PSU बैंक,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर में 1-2% की गिरावट आई। जबकि IT इंडेक्स में 2.6%,मीडिया इंडेक्स में 1.3% और मेटल इंडेक्स में 0.5% की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचयूएल,टाटा कंज्यूमर,आईटीसी,श्रीराम फाइनेंस और एमएंडएम शामिल रहे। जबकि टेक महिंद्रा,इंफोसिस, टीसीएस,कोल इंडिया और जेएसडब्ल्यू स्टील सबसे ज़्यादा फायदे में रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी व्यू
कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफ़िट बुकिंग जारी रही। निफ्टी 165 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 508 अंक नीचे रहा। सेक्टर्स की बात करें तो IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा फायदे में रहा,जिसमें 2.55 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई। जबकि FMCG इंडेक्स को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ,जिसमें 2.25 प्रतिशत की गिरावट आई।
तकनीकी रूप से देखें तो पॉज़िटिव शुरुआत के बाद,बाज़ार को ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा। दिन के सबसे ऊंचे स्तर से निफ्टी में 350 अंक और सेंसेक्स में 1100 अंकों से ज़्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा,डेली चार्ट पर इसने एक बेयरिश कैंडल बनाई है और इंट्राडे चार्ट पर यह एक'लोअर टॉप' फ़ॉर्मेशन बनाए हुए है जो काफ़ी हद तक नेगेटिव है।
श्रीकांत चौहान का मानना है कि बाज़ार का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर है। लेकिन कुछ समय के लिए'ओवरसोल्ड'स्थितियों के कारण हम मौजूदा स्तरों से एक तकनीकी उछाल (technical bounce back) की उम्मीद कर सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए निफ्टी में 23,500 का स्तर ट्रेंड तय करने वाला स्तर होगा। इस स्तर से नीचे गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में निफ्टी फिसलकर 23,250–23,200 तक जा सकता है। दूसरी ओर 23,500 के स्तर से ऊपर यह उछाल 23,650–23,700 तक जारी रह सकता है।
SBI सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23250-23230 जोन में है। इस ज़ोन के नीचे कोई भी गिरावट निफ्टी की कमज़ोरी को 23100 तक बढ़ा सकती है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में यह 22950 तक जा सकता है। दूसरी ओर इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23530-23550 ज़ोन में है।
बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाज़ार की दिशा तय करने में RBI की कमेंट्री और पश्चिम एशिया में होने वाली घटनाओं की अहम भूमिका होगी। हालांकि भारत के इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मज़बूत बने हुए हैं,फिर भी निकट भविष्य में बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,क्योंकि भू-राजनीतिक और महंगाई से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
बैंक निफ्टी व्यू
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि Bank Nifty में कमज़ोरी बनी हुई है। डेली चार्ट पर 'लोअर-टॉप'फॉर्मेशन अभी भी बरकरार है। इंडेक्स ने सेशन का अंत एक लॉन्ग बेयरिश कैंडलस्टिक'के साथ किया और 20-डे और 50-डे के मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ,जो एक नेगेटिव रुझान का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमज़ोर हुए हैं। RSI में 'बेयरिश क्रॉसओवर'देखने को मिला है,जो आगे और गिरावट का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अभी भी एक बड़े'कंजेशन ज़ोन'के अंदर ही ट्रेड कर रहा है,इसलिए 'सेल-ऑन-राइज़'(तेज़ी आने पर बेचने)की रणनीति अपनाना ही बेहतर रहेगा। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 52,800 पर है,जबकि रेजिस्टेंस 54,000 के स्तर के आसपास दिख रहा है।
सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी आज पूरे सेशन के दौरान दबाव में रहा,और'लोअर हाई–लोअर लो'पैटर्न में ट्रेड करता रहा। 50-डे EMA के ऊपर टिकने में नाकाम रहने के बाद,पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में इस इंडेक्स में लगभग 3.5% की गिरावट आई है। RSI 55 से घटकर 43 पर आ गया है,जो मंदी के बढ़ते रुझान का संकेत है। वहीं MACD लाइन भी ज़ीरो लाइन के नीचे ही ट्रेड कर रही है,जिससे निगेटिव रुझान और भी मज़बूत होता दिख रहा है।
आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 53200-53100 के ज़ोन में मौजूद है। अगरयह लगातार इस ज़ोन से नीचे लगातार बना रहता है तो इसकी कमज़ोरी और बढ़ सकती है और यह 52700 तक गिर सकता है। इसके बाद,शॉर्ट टर्म में यह 52300 तक भी जा सकता है। वहीं दूसरी ओर इसके के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 54000-54100 के ज़ोन में मौजूद है।
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