Market Outlook : मामूली गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook : निफ़्टी में शामिल शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़,विप्रो,ट्रेंट,कोल इंडिया और TCS सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं,दूसरी ओर अडानी एंटरप्राइज़ेज़, हिंदुस्तान यूनिलीवर,अडानी पोर्ट्स,बजाज फ़ाइनेंस और एक्सिस बैंक सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर रहे
Market Outlook : सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स ने 3.5% की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। PSU बैंक,रियल्टी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर इंडेक्स में भी लगभग 0.5% की बढ़त हुई
Market Outlook : 5 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी बेंचमार्क मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। आज निवेशकों ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी के फ़सले पर प्रतिक्रिया की। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 116.67 अंक या 0.16% गिरकर 74,243.34 पर और निफ़्टी 49.85 अंक या 0.21% गिरकर 23,366.70 पर बंद हुआ। लगभग 1966 शेयरों में बढ़त हुई,2049 शेयरों में गिरावट आई और 197 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा और अपने न्यूट्रल रुख को बनाए रखा।
निफ़्टी में शामिल शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़,विप्रो,ट्रेंट,कोल इंडिया और TCS सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं,दूसरी ओर अडानी एंटरप्राइज़ेज़, हिंदुस्तान यूनिलीवर,अडानी पोर्ट्स,बजाज फ़ाइनेंस और एक्सिस बैंक सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स ने 3.5% की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। PSU बैंक,रियल्टी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर इंडेक्स में भी लगभग 0.5% की बढ़त हुई। इसके विपरीत,एनर्जी,IT,मेटल,ऑयल एंड गैस और टेलीकॉम इंडेक्स में 0.5% से 1.5% के बीच गिरावट आई।
ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। निफ़्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.3% गिरकर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ।
6 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
निफ्टी व्यू
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे 23230–23200 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर यह 23200 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 23050 के लेवल तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ 23530–23550 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर यह लगातार 23550 के ऊपर बना रहता है तो नई तेजी आ सकती है और इंडेक्स 23700 के लेवल तक जा सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार आज बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुए। मॉनेटरी पॉलिसी का नतीजा उम्मीद के मुताबिक रहा। RBI गवर्नर की ओर से घोषित सपोर्टिव उपायों से रुपये को मजबूती मिली। हालांकि,ग्रोथ के अनुमानों में कटौती और महंगाई को लेकर संतुलित नज़रिए के कारण निवेशकों ने मुनाफा वसूली की। हालांकि करेंसी में आई तेजी से नियर टर्म में बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो सकता है,लेकिन महंगाई का दबाव और बॉन्ड यील्ड में मजबूती विदेशी और घरेलू दोनों निवेश पर असर डाल सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि पिछले हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखा गया। वीकली बेसिस पर निफ्टी 0.75 प्रतिशत नीचे बंद हुआहै। जबकि सेंसेक्स में 525 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों में मीडिया इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और 6.72 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। जबकि, कैपिटल मार्केट इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस हफ्ते के दौरान शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने 23,200 के आसपास सपोर्ट लिया और वहां से वापसी की। तकनीकी रूप से वीकली चार्ट पर एक'बेयरिश कैंडल'बनी है और इंडेक्स अभी भी शॉर्ट-टर्म एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो काफी हद तक निगेटिव संकेत है।
अमोल अठावले का मानना है कि 23,200 का स्तर ट्रेडर्स के लिए एक अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक मार्केट इस स्तर से ऊपर ट्रेड करता है,तब तक'पुलबैक'की स्थिति जारी रहने की संभावना है। ऊपर की ओर इंडेक्स 20 और 50-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या लगभग 23,700 के स्तर तक वापस आ सकता है। इसके ऊपर निफ्टी 23,900-24,000 तक भी जा सकता है। दूसरी ओर 23,200 से नीचे गिरावट आने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो मार्केट 23,000-22,900 के स्तर तक गिर सकता है।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RBI की पॉलिसी के असर के बीच इंडेक्स एक तय दायरे में उतार-चढ़ाव कर रहा है। मार्केट का सेंटीमेंट अभी भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। RSI भी कमजोर है,जो पॉजिटिव मोमेंटम की कमी को दिखाता है।
शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के 23,300–23,500 के दायरे में कंसोलिडेट होने की संभावना है। अगर यह 23,500 के लेवल को पार करता है तो इसमें 25,700 और उससे ऊपर तक की रैली आ सकती है।जबकि 23,300 के सपोर्ट लेवल से नीचे जाने पर इसमें तेज गिरावट आ सकती है।
बैंक निफ्टी व्यू
सुदीप शाह ने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बना रहा और यह लगभग 740 अंकों की इंट्राडे रेंज में ट्रेड करता रहा। डेली चार्ट पर इसने दोनों तरफ शैडो वाली 'हाई-वेव कैंडल'बनाई जो मौजूदा लेवल पर बाजार की अनिश्चितता को दिखाती है। खास बात यह है कि बैंक निफ्टी लगातार चौथे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुआ और इसमें 0.35% की तेजी आई,जो निचले लेवल पर खरीदारी आने का संकेत है।
आगे 54100–54000 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। ऊपर की तरफ 55000–55100 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर यह लगातार 55100 के ऊपर बना रहता है तो 55400 के लेवल की ओर शॉर्ट-कवरिंग रैली शुरू हो सकती है।
अमोल अठावले ने कहा कि एक अच्छे'रिवर्सल'पैटर्न के बाद बैंक निफ्टी 50 और 20-डे SMA के आस-पास ट्रेड कर रहा है। निकट भविष्य में,पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए 54,000 और 53,500 अहम सपोर्ट स्तर होंगे। इन स्तरों से ऊपर,बैंक निफ्टी 55,500-56,000 की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,53,500 से नीचे जाने पर,अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। अगर वह लेवल टूट जाता है तो ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में 54,200 के लेवल के पास खरीदारी दिखी और यह अपने 20-डे मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर सपोर्ट का संकेत है। हालांकि,54,800–55,000 का जोन अभी भी एक मज़बूत रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है,जहां बार-बार बिकवाली का दबाव देखा गया है। नतीजतन,इंडेक्स कंसोलिडेशन और कंजेशन के दौर में फंसा हुआ है,जिससे इसका ओवरऑल आउटलुक साइडवेज और एक दायरे में सीमित बना हुआ है।
इसका इमीडिएट सपोर्ट 54,000 पर है,जबकि रेजिस्टेंस 54,900–55,000 पर दिख रहा है। अगर यह 55,200 के ऊपर मजबूती से बंद होता है तो इसमें तेजं बढ़त आ सकती है और इसमें डायरेक्शनल ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है।
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