Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 8 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market outlook : ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.1% बढ़ा और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.9% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टर के हिसाब से, FMCG, IT, PSU Bank और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जबकि ऑटो, डिफेंस, मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी आई
Market cues : गुरुवार को निफ्टी 198 अंकों की एक छोटी रेंज में ट्रेड करता रहा, जो पिछले सात सेशन में इसकी सबसे छोटी इंट्राडे रेंज थी। आखिर में इंडेक्स बिना किसी खास बदलाव के बंद हुआ
Market outlook : गुरुवार के सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स कमजोर रहे। उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी 24,330 के आस-पास बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 114 अंक या 0.15 प्रतिशत गिरकर 77,844.52 पर और निफ्टी 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,326.65 पर बंद हुआ। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी आज निफ्टी के सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन कंपनी, टीसीएस और आईटीसी निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.1% बढ़ा और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.9% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टर के हिसाब से, FMCG, IT, PSU Bank और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जबकि ऑटो, डिफेंस, मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी आई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर कंसोलिडेशन ब्रेकआउट दिया है, जिससे उम्मीद बढ़ रही है। RSI डेली टाइमफ्रेम पर बुलिश क्रॉसओवर में है। इसके अलावा, इंडेक्स 50 EMA से ऊपर चला गया है, जिससे ट्रेंड में सुधार की पुष्टि होती है।
शॉर्ट टर्म में ट्रेंड के मजबूत रहने की संभावना है। ऐसे में निफ्टी के लिए 24,750–24,800 की ओर बढ़ने की गुंजाइश है। निचले स्तर पर, सपोर्ट 24,200 पर है।इसके नीचे जाने पर ट्रेंड कमजोर हो सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला,जबकि रुपया मज़बूत हुआ। बाजार के पॉकेट्स के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी दिखी। आज मिड और स्मॉल कैप ने लार्ज कैप से बेहतर प्रदर्शन किया।
होरमुज़ स्ट्रेट को धीरे-धीरे फिर से खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे महंगाई की चिंता कम हुई। हालांकि, परमाणु संवर्धन पर चर्चाओं को लेकर अनिश्चितता के चलते समझौते को लेकर बनी उम्मीद फीकी पड़ गई, जिससे निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। सेक्टर के हिसाब से, ऑटो, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज़ में बढ़त देखने को मिली, जबकि IT और FMCG में गिरावट आई।
अब आगे बाजार की नजर Q4 के नतीजों और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी। हालांकि जब तक पश्चिम एशिया से साफ संकेत नहीं मिल जाते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्टअभिनव तिवारी का कहना है कि आगे अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और जियोपोलिटिकल माहौल बेहतर होता है, तो बाजार का नजरिया थोड़ा सकारात्मक बना रहेगा। हालांकि, नियर टर्म में बाजार के स्टॉक स्पेसिफिक और खबरों से प्रभावित रहने की संभावना है। चौथी तिमाही के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मध्य-पूर्व के घटनाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि गुरुवार को निफ्टी 198 अंकों की एक छोटी रेंज में ट्रेड करता रहा, जो पिछले सात सेशन में इसकी सबसे छोटी इंट्राडे रेंज थी। आखिर में इंडेक्स बिना किसी खास बदलाव के बंद हुआ। डेली चार्ट पर इसने अपर शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई, जो ऊंचे लेवल पर हल्की प्रॉफिट बुकिंग की ओर इशारा करती है।
तकनीकी रूप से, इंडेक्स अपने 20-डे और 50-डे EMA से ऊपर बना हुआ है, जो दिशा साफ न होने के बावजूद अंदरूनी मजबूती को दिखाता है। हालांकि, डेली RSI साइडवेज़ जोन में बना हुआ है, जो मजबूत मोमेंटम की कमी का संकेत है। ऐसे में इस समय मार्केट के 'wait-and-watch' वाले दौर में रहने की संभावना दिख रही है।
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