Market outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market today : पीएसयू बैंक को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। आईटी, मीडिया, रियल्टी, फार्मा और एफएमसीजी में 1-2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 4:08 PM
Market cues : निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट विप्रो, सन फार्मा, जियो फाइनेंशियल, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा के शेयरों में रही। जबकि, सबसे ज्यादा बढ़त एशियन पेंट्स, एचडीएफसी लाइफ, ट्रेंट, अदानी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में रही

Stock markets : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 6 अगस्त को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए हैं और निफ्टी 24,600 के नीचे चला गया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 166.26 अंक या 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 80,543.99 पर और निफ्टी 75.35 अंक या 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 24,574.20 पर बंद हुआ है। आज लगभग 1292 शेयरों में तेजी, 2594 शेयरों में गिरावट और 144 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैनिफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट विप्रो, सन फार्मा, जियो फाइनेंशियल, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा के शेयरों में रही। जबकि, सबसे ज्यादा बढ़त एशियन पेंट्स, एचडीएफसी लाइफ, ट्रेंट, अदानी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में रही

पीएसयू बैंक (0.6 फीसद की बढ़त) को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। जिनमें आईटी, मीडिया, रियल्टी, फार्मा और एफएमसीजी में 1-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गईबीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में 1-1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई

निफ्टी एक बार फिर 24,700 के स्तर से ऊपर नहीं टिक पाया और दिन का ज़्यादातर समय 24,600 के स्तर के आसपास ही घूमता रहा, जो सतर्कता बरते जाने का संकेत है। इंडेक्स एक अहम मोड़ पर है और आने वाले सत्रों में इसे और साफ दिशा की जरूर है। तेजी के रुझान को बनाए रखने के लिए निफ्टी को 24,500 के अहम सपोर्ट से ऊपर बने रहना जरूरी है। इस स्तर से नीचे जाने पर और ज़्यादा बिकवाली शुरू हो सकती है। ऐसे में अगला अहम सपोर्ट 24,000 के आसपास होगा।

Nifty trading plan : कोई भी पोजीशन घर लेकर नहीं जाएं, ये बहुत मुश्किल और थकाने वाला बाजार


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की बयानबाजी और उनके कामों का निकट भविष्य में बाज़ारों पर असर देखने को मिलेगा। अब तक उनकी बयान बाजियों और एक्शन पर भारत की प्रतिक्रिया शांत रही है। लेकिन अब भारत मज़बूत और संतुलित रुख अपना रहा है। भारत द्वारा अमेरिकी की अनुचित मांगों को माने जाने की संभावना कम है। इसका मतलब है कि निर्यात में कमी के कारण अर्थव्यवस्था को शॉर्ट टर्म नुकसान हो सकता है।"

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैंवेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं हैयूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।