Market outlook : सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 21 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market outlook : इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज ने कहा कि IT,टेलीकॉम और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के बीच,दिन के कारोबार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाने के बाद बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता से पहले इस समय काफी अनिश्चितता बनी हुई है,क्योंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं
Market cues : आगे 56100–56000 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। ऊपर की तरफ,57000–57100 का ज़ोन एक बड़ी रुकावट बना रहे
Market outlook : 20 अप्रैल को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स में मामूली बदलाव के साथ कारोबार समाप्त हुआ। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 26.76 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 78,520.30 पर और निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 पर बंद हुआ। लगभग 1733 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 2471 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में Trent, SBI, JSW Steel, Asian Paints और Grasim Industries शामिल रहे। जबकि गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में Jio Financial, Hindalco, HDFC Life, Tata Motors Passenger Vehicles और Kotak Mahindra Bank शामिल रहे।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो IT,Telecom और Realty सेक्टर में 0.5% की गिरावट आई। जबकि, Auto, Oil & Gas, Media, Power, Energy और PSU Bank सेक्टर में 0.3% से 1% के बीच बढ़त दर्ज की गई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज ने कहा कि IT,टेलीकॉम और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के बीच,दिन के कारोबार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाने के बाद बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता से पहले इस समय काफी अनिश्चितता बनी हुई है,क्योंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं। इसलिए,निवेशक इक्विटी और दूसरे फाइनेंशियल असेट के संबंध में कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले,फिलहाल 'देखो और इंतज़ार करो'(wait and watch) की रणनीति अपना रहे हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि हॉर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर नए सिरे से शुरू हुए विवाद ने ग्लोबल बाज़ारों में अस्थिरता ला दी है। निवेशकों ने मध्य-पूर्व में हालिया उथल-पुथल को किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत के बजाय,बातचीत की संभावित रणनीति के तौर पर देखा है। इस हफ़्ते युद्धविराम की अवधि समाप्त होने वाली है,ऐसे में बाज़ार के भागीदार सतर्क बने हुए हैं और आगे के घटनाक्रमों का इंतज़ार कर रहे हैं।
तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं,लेकिन 100 डॉलर के निशान से नीचे ही रहीं। वहीं रुपया कमज़ोर हुआ,जिससे महंगाई के दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं। इन मुश्किलों के बावजूद,निवेशक Q4 के नतीजों के सीज़न में हो रही प्रगति को कुछ महत्व दे रहे हैं। इसकी वजह से पावर,कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली है,जो अपनी लंबी अवधि की संभावनाओं के कारण लगातार निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं।
बाजार जानकारों की राय है कि निफ्टी को 24,100 के स्तर के आस-पास लगातार सपोर्ट मिल रहा है,जबकि 24,570-24,800 के आस-पास रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। ट्रेडर्स को सलाह है कि वे ज़्यादा उतार-चढ़ाव के माहौल में 'गिरावट पर खरीदें और तेज़ी पर बेचें'(buy-on-dips and sell-on-rallies) की रणनीति अपनाएं।
आज छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि कुछ चुनिंदा सेगमेंट्स में मज़बूती के बावजूद,फ्रंटलाइन स्टॉक्स के अलावा अन्य स्टॉक्स में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे चलकर,बाज़ार के एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है। कच्चे तेल की चाल, ग्लोबल इवेंट्स और चौथी तिमाही के नतीजे बाजार के लिए मेन ट्रिगर का काम करेंगे।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि आगे चलकर 24230–24200 का ज़ोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। ऊपर की तरफ,24480–24500 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस बना रहेगा,क्योंकि पहले भी इन लेवल के आस-पास बिकवाली का दबाव देखा गया है। 24500 के ऊपर एक पक्का और टिकाऊ ब्रेकआउट,आगे की तेज़ी के लिए रास्ता खोल सकता है,जिससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 24650 के लेवल की ओर बढ़ सकता है।
बैंक निफ्टी व्यू
सुदीप शाह ने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी को भी अपने पिछले स्विंग हाई ज़ोन के पास लगभग 57100 के स्तर पर मज़बूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। इस रिजेक्शन के बाद,इंडेक्स में हल्की प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिली और यह ऊपरी स्तरों से नीचे फिसल गया। इस करेक्शन के बावजूद,बैंक निफ्टी सेशन के अंत में मामूली बढ़त के साथ 56582 पर बंद होने में सफल रहा और इसने 0.03% का मामूली गेन दर्ज किया।
तकनीकी नज़रिए से देखें तो डेली चार्ट पर एक 'बेयरिश कैंडल' बनती दिख रही है,जिसकी खासियत है एक लंबी अपर शैडो और एक अपेक्षाकृत छोटी लोअर शैडो। यह प्राइस स्ट्रक्चर ऊंचे स्तरों के पास बिकवाली के दबाव का संकेत देता है और दिखाता है कि 'बुल' (खरीदार) इस तेज़ी को आगे बढ़ाने में हिचकिचा रहे हैं। इसके अलावा,पिछले 2-3 ट्रेडिंग सेशन में मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक सपाट रहे हैं,जो यह बताता है कि नियर टर्म में बाज़ार में कंसोलिडेशन हो सकता है और किसी एक दिशा में बढ़ने के कोई साफ संकेत नहीं हैं।
आगे 56100–56000 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। ऊपर की तरफ,57000–57100 का ज़ोन एक बड़ी रुकावट बना रहेगा। अगर 57100 के ऊपर वॉल्यूम बढ़ने के साथ एक मज़बूत और पक्का ब्रेकआउट होता है तो इससे तेज़ी का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में Bank Nifty शॉर्ट टर्म में 57600 और उसके बाद 58200 की तरफ बढ़ सकता है।
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