Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 23 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market outlook : निकट भविष्य के लिए बाजार का नज़रिया सतर्क बना हुआ है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते बाजार के एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है,हालांकि चौथी तिमाही के नतीजों के आधार पर कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है
Market cues : तकनीकी रूप से 24,300–24,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट रेंज बना हुआ है। मौजूदा संरचना को बनाए रखने के लिए इस जोन के ऊपर टिके रहना बेहद जरूरी है
Stock Market : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया और 22 अप्रैल को निफ्टी 24400 से नीचे आकर गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 756.84 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 78,516.49 पर और निफ्टी 198.5 अंक या 0.81 प्रतिशत गिरकर 24,378.10 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.2 फीसदी की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त हुई।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में HCL Technologies, Tech Mahindra, Infosys, TCS और M&M शामिल रहीं। जबकि बढ़त बनाने वाली कंपनियों में Tata Consumer Products, Hindustan Unilever, Tata Motors Passenger Vehicles, NTPC और Hindalco Industries शामिल रहीं।
सेक्टरों की बात करें तो IT इंडेक्स में लगभग 4% की गिरावट आई। प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.7% गिरा। जबकि Oil & Gas, FMCG, Media, Metal और Realty में हर एक में 0.5% की बढ़त हुई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
पीएल कैपिटल (PL Capital) में हेड एडवाइज़री विक्रम कसाट (Vikram Kasat) का कहना है कि आज बाज़ार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। कल की बढ़त के बाद आज मेन इंडेक्सों में गिरावट आई। सेंसेक्स 600 से ज़्यादा अंक लुढ़क गया,जबकि Nifty इंट्राडे ट्रेड में 24,450 के स्तर से नीचे गिर गया। इसकी मुख्य वजह HCLTech की तरफ से आए कमजोर गाइडेंस और खराब ग्लोबल संकेतों के चलते IT शेयरों में आई ज़ोरदार बिकवाली रही।
तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने,अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी फंडों की बिकवाली का भी बाजार के मिजाज पर असर पड़ा,जिससे पूरे दिन बाजार में काफी उतार-चढ़ाव बना रहा।
निकट भविष्य के लिए बाजार का नज़रिया सतर्क बना हुआ है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते बाजार के एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है,हालांकि चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के आधार पर कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (ThinCredBlu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी (Gaurav Udani) का कहना है कि हाल की तेजी के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिलने से निफ़्टी गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स अब एक अहम सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है,जिससे अगले कुछ सेशन काफी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
तकनीकी रूप से 24,300–24,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट रेंज बना हुआ है। मौजूदा संरचना को बनाए रखने के लिए इस जोन के ऊपर टिके रहना बेहद जरूरी है। 24,300 के नीचे कोई भी निर्णायक क्लोज़िंग इंडेक्स को और नीचे 24,000 के स्तर की ओर धकेल सकती है।
ऊपर की तरफ 24,800–24,950 एक मज़बूत रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है,जहां सप्लाई आने की संभावना है। यह सेटअप एक रेंज-बाउंड या सतर्क बाजार का संकेत देता है। अगर सपोर्ट टूटता है तो नीचे जाने का जोखिम बढ़ सकता है।
ट्रेडर्स को मौजूदा स्तरों पर सतर्क रहना चाहिए। जब तक सपोर्ट बना रहता है,तब तक ही लॉन्ग पोज़िशन लें और अगर इंडेक्स मुख्य स्तरों से ऊपर टिक नहीं पाता है तो नीचे जाने की संभावना के लिए तैयार रहें।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी को डेली चार्ट पर अपने 200-डे मूविंग एवरेज के पास बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा,जो एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन का संकेत है। इसके बावजूद,डेली टाइमफ्रेम पर इसकी व्यापक संरचना अभी भी मज़बूत बनी हुई है। हालांकि,ऑवरली चार्ट पर RSI एक बेयरिश क्रॉसओवर में फिसल गया है,जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत दे रहा है। जब तक इंडेक्स 56,200 के लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक एक पॉज़िटिव रुझान बनाए रखा जा सकता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,500 पर है,जबकि रेजिस्टेंस 57,800 के जोन के आसपास दिख रहा है।
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