Market Outlook : हल्के लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 2 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार अब भारत की मज़बूत ग्रोथ और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच संतुलन बना रहे हैं। उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ घरेलू मांग और अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाती है
Market Outlook : सुदीप शाह का कहना है कि आगे 24000-23950 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन का काम कर सकता है
Market Outlook : निफ्टी आज लगातार दूसरे सेशन में अपने पिछले स्विंग लो से नीचे चला गया,लेकिन CAS सेशन के दौरान इसमें लगभग 72 अंकों की जबरदस्त रिकवरी हुई, जिससे यह लगभग बिना किसी बदलाव के सपाट बंद हुआ। डेली प्राइस एक्शन ने हाई वेव कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो यह दिखाता है कि अभी कोई साफ दिशा तय नहीं है और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 फीसदी गिरकर 76,944.28 पर और निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 फीसदा गिरकर 24,055.80 पर सेटल हुआ। आज लगभग 1668 शेयरों में बढ़त हुई,2467 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,मारुति सुजुकी,नेस्ले,इंटरग्लोब एविएशन और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में ITC,अदाणी पोर्ट्स,भारती एयरटेल,HCL टेक और ONGC शामिल रहे।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी फार्मा में 1.5% की गिरावट आई,इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.4% और निफ्टी रियल्टी में 1.4% की गिरावट देखने को मिली। जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी PSU बैंक में 1.2% की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी बैंक 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.9% नीचे बंद हुआ। निफ्टी FMCG और निफ्टी IT में 0.9% की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी इंफ्रा,मीडिया और ऑयल एंड गैस में भी 0.3% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2% की गिरावट आई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार अब भारत की मज़बूत ग्रोथ और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच संतुलन बना रहे हैं। उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ घरेलू मांग और अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाती है। हालांकि,मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और फेडरल रिज़र्व के सख्त रुख ने महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
लगातार बढ़ता लागत का दबाव कॉर्पोरेट मुनाफे और मांग में सुधार की रफ़्तार,दोनों पर असर डाल सकता है। साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी पूंजी की फिर से हो रही निकासी ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा है। इससे फाइनेंशियल शेयरों पर सबसे ज़्यादा दबाव आया है,जबकि FMCG और IT सेक्टर में डिफेंसिव बाइंग जारी है।
आने वाले समय में बाज़ार की चाल एनर्जी मार्केट में होने वाले बदलावों,ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी की दिशा और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में आने वाले निवेश से तय होने की संभावना है।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज के सेशन के दौरान निफ्टी में गिरावट आई। यह अपने इंट्राडे बढ़त को बनाए नहीं रख पाया। ऊपरी स्तर पर,इसे 50-EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। हालांकि,निचले स्तर पर इसे एक मॉडिफाइड राइजिंग चैनल के पास शुरुआती सपोर्ट मिला।
अगर निफ्टी लगातार 23,950 के नीचे बना रहता है तो करेक्शन का अगला दौर शुरू हो सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो जल्द ही इसमें अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। फिर भी,ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव बने रहने की संभावना है। 24,200 का स्तर पहला रेजिस्टेंस लेवल बन सकता है।
SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि टेक्निकली,निफ्टी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। 50-डे, 100-डे और 200-डे के EMA काफी हद तक सपाट हैं,जो किसी खास दिशा में मोमेंटम की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ऐसा ही ट्रेंड दिखा रहे हैं। पिछले 15 ट्रेडिंग सेशन में डेली RSI एक सीमित दायरे (साइडवेज रेंज) में रहा है, जिससे पता चलता है कि बाजार में कोई मजबूत तेजी या मंदी का रुझान नहीं है।
आगे 24000-23950 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 23950 के नीचे बना रहता है तो शॉर्ट-टर्म मार्केट स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और इंडेक्स 23800 के स्तर तक और गिर सकता है।
ऊपर की तरफ,24170-24200 का 50-डे EMA बैंड तत्काल और अहम रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकता है। सेंटीमेंट को बेहतर बनाने और इंडेक्स में मजबूत रिकवरी का रास्ता खोलने के लिए इस रुकावट को पार करना जरूरी होगा।
बैंक निफ्टी व्यू
सुदीप शाह का कहना है कि पिछले 20 ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में बना हुआ है और लगभग 1075 अंकों के बैंड में उतार-चढ़ाव कर रहा है,जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहा है। इसके साथ ही मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर साइडवेज मार्केट स्ट्रक्चर की ओर इशारा कर रहे हैं। आगे चलकर,57900-58000 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। वहीं दूसरी ओर 57000-56900 का जोनन एक अहम सपोर्ट बना हुआ है।
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