Bank Nifty Trend : 1 सितंबर को बैंक निफ्टी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है। इससे पहले के सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की वजह से आई तेजी खत्म हो गई है। आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ गई और बाज़ार भी गिरावट के साथ लाल निशान में आ गया। दोपहर में बैंकिंग इंडेक्स 1.35 प्रतिशत गिरकर 57,243 पर ट्रेड कर रहा था,जो पिछले क्लोजिंग लेवल 58,025 से लगभग 800 अंक नीचे था। आज सेशन के दौरान यह 57,222 के निचले स्तर तक भी गया,जो सोमवार के क्लोजिंग लेवल से 800 अंक से ज़्यादा की गिरावट थी।
यह गिरावट 31 अगस्त के सेशन के अजीब तरह से खत्म होने के बाद आया है। कल सिर्फ़ क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान ही बैंक निफ्टी में 600 से ज़्यादा अंकों की तेज़ी आई थी। दोपहर 3:15 बजे इंडेक्स 57,397 पर था, लेकिन CAS के बाद यह 58,025 पर बंद हुआ। जिससे दिन का कारोबार 529 अंक या 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ खत्म हुआ था।
मंगलवार को आई गिरावट के कारण बैंक निफ्टी सोमवार की क्लोजिंग-ऑक्शन में आई तेज़ी से पहले के स्तर से भी नीचे आ गया है। 57,222 के अपने इंट्राडे निचले स्तर पर,यह इंडेक्स पिछले सेशन में दोपहर 3:15 बजे के अपने स्तर से लगभग 175 अंक नीचे आ गया है।
बैंकों में कमजोरी के साथ-साथ मुख्य इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई है। दोपहर में सेंसेक्स 160 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 76,797 पर था,जबकि निफ्टी 88 अंक या 0.37 प्रतिशत गिरकर 23,992 पर आ गया।
आज बैंकिंग शेयरों में व्यापक गिरावट देखी गई है। यस बैंक में 3.55 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि एक्सिस बैंक, एसबीआई और इंडसइंड बैंक में से प्रत्येक में लगभग 2.7-2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यूनियन बैंक में 2.58 प्रतिशत और फेडरल बैंक में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक क्रमशः 1.92 प्रतिशत और 1.75 प्रतिशत नीचे दिख रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया और इसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जबकि पीएनबी में 0.77 प्रतिशत की तेजी आई है।
दूसरे बैंकिंग इंडेक्स भी काफी गिरे हैं। Nifty PSU Bank में 1.47% और Nifty Private Bank में 1.03% की गिरावट आई है। ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर है। जिससे Nifty Midcap 100 में 1.57% और Nifty Smallcap 100 में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। India VIX में 1.34% की बढ़ोतरी हुई है।
कल क्लोजिंग-ऑक्शन मैकेनिज्म(CAS) शुरू होने के बाद की पहली MSCI इंडेक्स-रीबैलेंसिंग भी थी। इस दिन CAS में भारी हलचल रही। 31 अगस्त को CAS के दौरान NSE में 39,718 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया गया,जो पिछले ट्रेडिंग दिन के मुकाबले लगभग 42 गुना ज़्यादा था।
NSE ने अगस्त में 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' शुरू किया था। यह एक अलग 20 मिनट का सिस्टम है जिसका इस्तेमाल योग्य शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग कीमत तय करने के लिए किया जाता है। इसने पुराने सिस्टम की जगह ली है,जिसमें क्लोजिंग प्राइस ट्रेडिंग के आखिरी आधे घंटे के दौरान हुए ट्रेड के वेटेड एवरेज (भारित औसत) के आधार पर तय की जाती थी।