NSE Share Price: एनएसई के शेयर में लिस्टिंग के दूसरे दिन दबाव दिखा। 25 सितंबर को शेयर एक समय 1.5 फीसदी तक गिर गया था। बाद में थोड़ा संभलने में कामयाब रहा। 12 बजे शेयर 0.58 फीसदी गिरकर 1,807 रुपये पर चल रहा था। यह शेयर इश्यू प्राइस के काफी करीब आ गया है। एक्सचेंज ने 1,785 रुपये के प्राइस पर आईपीओ में इनवेस्टर्स को शेयर इश्यू किए थे। 24 सितंबर को शेयर 1 फीसदी से कम प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। सवाल है कि निवेशकों को क्या करना चाहिए?
24 सितंबर को शेयर 2 फीसदी चढ़कर बंद हुआ था
NSE का शेयर लिस्टिंग के दिन यानी 24 सितंबर को करीब 2 फीसदी चढ़कर 1,818 रुपये पर बंद हुआ था। यह ध्यान में रखना है कि यह शेयर सिर्फ BSE में लिस्ट हुआ है। किसी स्टॉक एक्सचेंज को अपने प्लेटफॉर्म पर खुद के शेयर लिस्ट कराने की इजाजत नहीं है। एनएसई की पहले कमजोर लिस्टिंग और दूसरे दिन गिरावट ने निवेशकों को निराश किया है।
ब्रोकरेज फर्मों का शेयर पर पॉजिटिव नजरिया
एनालिस्ट्स का नजरिया NSE के शेयर पर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर के लिए जो प्राइस टारगेट दिए हैं, उससे इस शेयर के इश्यू प्राइस से 15 फीसदी तक चढ़ने के संकेत मिलते हैं। पीएल कैपिटल ने इस शेयर पर 'Accumulate' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। उसने शेयर के लिए 1,950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इश्यू प्राइस से यह शेयर करीब 9.2 फीसदी तक चढ़़ सकता है।
मैक्वायरी ने 1,965 रुपये का टारगेट प्राइस दिया
मैक्वायरी ने इस शेयर को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया है। उसने शेयर के लिए 1,965 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि शेयर आईपीओ के इश्यू प्राइस से करीब 10 फीसदी चढ़ सकता है। हालांकि, मैक्वायरी ने एनएसई को 'dominator' बताया है। इसकी वजह एक्सचेंज का मार्केट शेयर, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डीप लिक्विडिटी है।
एमके ग्लोबल ने शेयर को खरीदने की दी सलाह
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस शेयर को 'बाय' (buy) रेटिंग के साथ खरीदने की सलाह दी है। अगले साल सितंबर तक उसने इस शेयर के लिए 2,50 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इश्यू प्राइस से यह शेयर करीब 15 फीसदी चढ़ सकता है। एनएसई ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से एनएसई बीएसई से काफी आगे है।