Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि हालिया तेजी के बाद प्रॉफfट बुकिंग से गिरावट का दबाव और बढ़ गया। इससे अहम सेक्टरों में कमजोरी आई। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी कायम रहने और भू-राजनीतिक तनाव में कमी से बाजार को कुछ सहारा मिला

अपडेटेड Jun 23, 2026 पर 4:40 PM
Market Outlook : बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट नितंत दरेकर का कहना है कि निवेशक अब बाजार की आगे की दिशा का अंदाजा लगाने के लिए ग्लोबल टेक्नोलॉजी से जुड़े संकेतों,विदेशी निवेश की स्थिति और रुपये की चाल पर बारीकी से नजर रखेंगे

Market Outlook : मंगलवार,23 जून को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार के सभी सेगमेंट्स में बिकवाली का दबाव रहा,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज्यादा गिर कर बंद हुए हैं। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 893 अंक या 1.16 फीसदी गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी में 279 अंक या 1.16% की गिरावट आई और यह 23,824.10 पर बंद हुआ। छोटे-मझोले शेयरों में भी बिकवाली का दबाव नजर आया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 1.05% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.48% की गिरावट दर्ज की गई।

मेटल स्टॉक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.22 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी IT में 2.23 प्रतिशत और निफ्टी PSU बैंक में 1.97 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मीडिया में 1.50 प्रतिशत और 1.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। NSE के दूसरे सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी बैंक 1.30 प्रतिशत,निफ्टी एनर्जी 1.24 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 1.12 प्रतिशत गिरे। निफ्टी इंफ्रा 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। कमजोर बाजार के बावजूद फ़ार्मा शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी फ़ार्मा इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि BSE हेल्थकेयर इंडेक्स 0.62 प्रतिशत चढ़ा।

भारी बिकवाली के कारण BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹480.6 लाख करोड़ से घटकर ₹475 लाख करोड़ से नीचे आ गया। इससे निवेशकों को एक ही दिन में लगभग ₹6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।


आज शेयर बाजार में गिरावट की क्या वजह रही, इस पर नजर डालें तो कमजोर मॉनसून और बिज़नेस से जुड़े खराब आंकड़ों की चिंताओं के कारण हुई प्रॉफिट-बुकिंग से शेयर बाजार में गिरावट आई। जून में भारत की सर्विस एक्टिविटी 17 महीने के निचले स्तर पर आ गई,जबकि मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ धीमी होकर तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।

HSBC फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 58.0 से गिरकर जून में 57.4 पर आ गया। फ्लैश सर्विस बिज़नेस एक्टिविटी इंडेक्स मई की 59.8 के संशोधित आंकड़े से गिरकर जून में 57.3 पर आ गया।

इस बीच,मॉनसून की शुरुआत कमजोर रही है,जिससे ग्रामीण आय और कुल मांग पर दबाव पड़ने की चिंता बढ़ गई है। अब तक देश के 450 से ज्यादा जिलों में कम बारिश हुई है,जिससे अल-नीनो से प्रभावित इस साल में खेती,पानी की सप्लाई और ब्रॉडर इकोनॉमी को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि हालिया तेजी के बाद प्रॉफfट बुकिंग से गिरावट का दबाव और बढ़ गया। इससे अहम सेक्टरों में कमजोरी आई। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी कायम रहने और भू-राजनीतिक तनाव में कमी से बाजार को कुछ सहारा मिला,लेकिन निवेशकों ने सावधानी का रुख बनाए रखा और इनकी नजरें मॉनसून की प्रगति के साथ अमेरिका-भारत के बीच चल रही ट्रेंड टॉक पर बनी रहीं।

उन्होंने आगे कहा कि ज्यादातर सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ग्लोबल स्तर पर अनिश्चित माहौल के बीच कीमतों में गिरावट और मांग को लेकर बनी चिंताओं के कारण मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। घरेलू IT सेक्टर भी दबाव में रहा,जो ग्लोबल टेक सेक्टर में गिरावट और भारतीय IT सेक्टर में AI से होने वाले बदलावों को लेकर लगातार बनी चिंताओं को दिखाता है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि 23650–23630 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है, क्योंकि यह पिछली तेजी के 50% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है। अगर निफ्टी 23630 के नीचे टूटता है,तो करेक्शन का दौर 23500 के लेवल तक बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23930–23950 के जोन में है,जो किसी भी पुलबैक के लिए शॉर्ट-टर्म बाधा बन सकता है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में इक्विटी रिसर्च और PMS के AVP,विपिन कुमार की राय है कि अगर निफ्टी 23,800 के स्पॉट लेवल से नीचे बंद होता है,तो यह जल्द ही 23,600-23,500 के लेवल तक गिर सकता है। वहीं,अगर यह 23,950 के स्पॉट लेवल से ऊपर बना रहता है,तो यह वापस 24,200 के कंजेशन रेंज के ऊपरी बैंड तक जा सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट नितंत दरेकर का कहना है कि निवेशक अब बाजार की आगे की दिशा का अंदाजा लगाने के लिए ग्लोबल टेक्नोलॉजी से जुड़े संकेतों,विदेशी निवेश की स्थिति और रुपये की चाल पर बारीकी से नजर रखेंगे।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने कहा कि मंगलवार को बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दिखी और यह 1.30% की गिरावट के साथ 57200 के लेवल के पास बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक बड़ी'बेयरिश कैंडल'बनाई है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाती है।

गिरावट के बावजूद,इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी भी बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर मौजूदा अपट्रेंड में रुकावट की ओर इशारा कर रहे हैं। डेली RSI अभी 61 के लेवल के आसपास है और अपने 9-दिन के एवरेज से नीचे जाने की कगार पर है, जो निकट भविष्य में मोमेंटम कमजोर होने का संकेत देता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56800–56700 जोन में है। 56700 के लेवल से नीचे जाने पर और कमजोरी आ सकती है,जिसमें 20-डे EMA (जो अभी 56173 पर है)अगला अहम सपोर्ट बनेगा। ऊपर की तरफ,57500–57600 जोन के एक अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की संभावना है।

 

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