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Market outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में दिखा दबाव, जानिए 29 दिसंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock Market today : घरेलू शेयर बाजार आज गिरावट लेकर बंद हुए हैं। साल के आखिर में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम था और आने वाले नतीजों से पहले सतर्क माहौल के कारण बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग हुई। नायर ने आगे कहा कि सैंटा क्लॉज़ रैली को लेकर उम्मीदें कम हो गई हैं। किसी नए ट्रिगर के अभाव और FII की तरफ से हो रही बिकवाली के चलते भारतीय रुपये पर दबाव पड़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 26, 2025 पर 4:34 PM
Market outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में दिखा दबाव, जानिए 29 दिसंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Nifty trend : LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के मुताबिक निफ्टी आवरली चार्ट पर 21 EMA से नीचे फिसल गया है, जो हाल के सेशन में दो दिनों के रेंजबाउंड फेज के बाद बेयरिश दांव में बढ़ोतरी का संकेत है

Stock Market Today : शुक्रवार, 26 दिसंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लाल निशान में बंद हुए हैं। किसा नए ट्रिगर्स की कमी और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच निवेशक बिकवाली के मूड में रहे। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 367 अंक या 0.43% की गिरावट के साथ 85,041.45 पर और निफ्टी 100 अंक या 0.38% गिरकर 26,042.30 पर बंद हुए। BSE मिडकैप इंडेक्स 0.18% कमजोर हुए, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.34% की गिरावट देखने को मिली। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹475 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹474 लाख करोड़ हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सेशन में लगभग ₹1 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।

वीकली बेसिस पर देखें तो 26 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में, सेंसेक्स 112 अंक या 0.13% ऊपर चढ़ा, जिससे दो हफ़्ते की गिरावट थम गई। निफ्टी 50 भी वीकली बेसिस पर 0.30% ऊपर चढ़ा, जिससे इसकी तीन हफ़्ते से चल रही गिरावट रुक गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए ट्रिगर्स के अभाव और साल के आखिर में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने के कारण निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणाएं शुरू होने तक घरेलू बाज़ार दायरे में रहेगा। TCS और HCL टेक 12 जनवरी को अपने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे घोषित करेंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार आज गिरावट लेकर बंद हुए हैं। साल के आखिर में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम था और आने वाले नतीजों से पहले सतर्क माहौल के कारण बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग हुई। नायर ने आगे कहा कि सैंटा क्लॉज़ रैली को लेकर उम्मीदें कम हो गई हैं। किसी नए ट्रिगर के अभाव और FII की तरफ से हो रही बिकवाली के चलते भारतीय रुपये पर दबाव पड़ा है।

29 दिसंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

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