Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 5 नवंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी का चाल

Market Outlook : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दलाल स्ट्रीट पर दिवाली की आतिशबाजी जारी रही। जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के साथ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। इससे ट्रेड और टैरिफ नीतियों को लेकर अधिक संतुलित रुख अपनाए जाने की उम्मीदें जागी है

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 4:35 PM
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Market Outlook : श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए बाजार का मिजाज अच्छा है। लेकिन ओवरबॉट पोजिशन के कारण बाजार एक सीमित दायरे में रह सकता है

Market Outlook : 4 नवंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,950 के ऊपर बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383.55 अंक या 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.40 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 149.75 अंक या 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,960.60 पर सेटल हुआ। आज लगभग 2948 शेयरों में तेजी आई, 1260 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज, जियो फाइनेंशियल और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, कोल इंडिया और बीएसई लिमिटेड शामिल रहे।

सेक्टर इंडेक्स की बात करें तो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई, जबकि मीडिया इंडेक्स में 5% की तेजी रही। मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% की बढ़त देखी गई। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, एनर्जी और एफएमसीजी (FMCG) इंडेक्स में 1-1% की तेजी रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़त हुई।


एक्सपर्ट्स से जाने आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दलाल स्ट्रीट पर दिवाली की आतिशबाजी जारी रही। जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के साथ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। इससे ट्रेड और टैरिफ नीतियों को लेकर अधिक संतुलित रुख अपनाए जाने की उम्मीदें जागी है, जिससे उभरते बाजारों में FII का निवेश बढ़ सकता है।

घरेलू मोर्चे पर,आगामी केंद्रीय बजट में टैक्स राहत की उम्मीद,बेहतर तिमाही नतीजे और त्योहारी सीजन में मजबूत खपत ने इस तेजी को और सपोर्ट दिया। बेहतर कमाई की संभावनाओं और मजबूत घरेलू मांग के चलते निकट भविष्य में बाजार का रुख पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। हालांकि, भू-राजनीतिक खतरों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बाजार में तेजी रही। इससे रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। निफ्टी और सेंसेक्स,दोनों प्रमुख इंडेक्सों में लगभग 0.5% की बढ़त दर्ज की गई। लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद भी बाजार में मजबूती बनी रही। हालांकि, रिकवरी की रफ्तार धीमी रही, क्योंकि निवेशक ग्लोबल संकेतों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (midterm elections) से जुड़ी घटनाओं पर नजरें रखे हुए थे।

लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद निफ्टी में कुछ ठहराव देखने को मिल सकता है। निफ्टी एक अहम ल़ॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज रेजिस्टेंस यानी 200-DEMA के करीब पहुंच रहा है। आगे बैंकिंग सेक्टर(विशेष रूप से बड़े प्राइवेट बैंक) का प्रदर्शन रिकवरी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे इंडेक्स को एक मजबूत आधार बनाने और 24,200 के स्तर की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी,जिसके बाद 24,400–24,700 जोन निफ्टी के लिए अगला टारगेट हो सकता है। वहीं, 23,200–23,500 की रेंज से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इस समय निवेशकों को चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए। उन शेयरों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो अलग-अलग सेक्टरों में मजबूती दिखा रहे हैं। उन घाटे वाले शेयरों में एवरेजिंग करने से बचना चाहिए जो बाजार की रिकवरी में पीछे रह गए हैं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि घरेलू आर्थिक इंडीकेटरों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते भारतीय बाजारों को सहारा मिलने की उम्मीद है। हालांकि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद निवेशकों का फोकस इस बात पर होगा कि पश्चिमी एशिया को लेकर अमेरिकी सरकार का अगला कदम क्या होता है। वहां तनाव बढ़ने या कूटनीतिक स्तर पर कोई प्रगति होने से निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार के सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है।

बाजार के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स

कोटक नियो में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी बनी रही। निफ्टी 150 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 384 अंकों की बढ़त रही। बाजार की शुरुआत अच्छी रही और पूरे दिन इसमें तेजी का रुख बना रहा। इंट्राडे चार्ट्स पर मजबूत 'हायर-हाई' और 'हायर-लो' फॉर्मेशन, तथा डेली चार्ट्स पर 'बुलिश कैंडल' यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में भी यह तेजी जारी रह सकती है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए बाजार का मिजाज अच्छा है। लेकिन ओवरबॉट पोजिशन के कारण बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में रह सकता है। डे-ट्रेडर्स के लिए,इंट्राडे में गिरावट आने पर खरीदारी करना और तेजी आने पर बिकवाली करना एक बेहतर रणनीति होगी।

नीचे की तरफ,23800-23750 / 76700-76500 के स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेंगे। जबकि ऊपर की तरफ 24000 / 77500 और 24200 / 78000 के स्तर तेजड़ियों के लिए अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि, 23750 / 76500 के स्तर के नीचे जाने पर बाजार का सेंटीमेंट खराब हो सकता है। इस स्तर के नीचे ट्रेडर्स अपनी 'लॉन्ग'पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

 

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