मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) ने कंसल्टेशन पेपर जारी कर अपने 'स्मॉल टिकट सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान' पर लोगों से टिप्पणी मांगी है। 250 रुपये के SIP के तौर पर इस प्लान की व्यापक चर्चा है। सेबी ने इस सिलसिले में 22 जनवरी को कंसल्टेशन पेपर जारी किया। सेबी ने प्रस्ताव किया है कि स्मॉल टिकट SIP (250 रुपये का SIP) सिर्फ 3 प्लान तक सीमित किया जा सकता है।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से जुड़े खिलाड़ियों ने 'डिस्काउंट रेट' की पेशकश करने पर सहमति जताई है, ताकि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां इन निवेश पर होने वाले खर्च के बाद जल्दी ब्रेक इवन हासिल कर सकें। एसेट मैनेजमेंट कंपनियां इन तीन छोटे SIPs के अतिरिक्त भी SIPs ऑफर कर सकती है, लेकिन डिस्काउंट रेट का मामला सिर्फ पहले तीन SIPs तक सीमित होगा।
सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने इसी महीने कहा था कि 250 रुपये का SIP जल्द लॉन्च किया जाएगा, जिसका मकसद फाइनेंशियल इनक्लूजन को बढ़ावा देना है। मार्केट रेगुलेटर ने प्रस्ताव दिया है कि कुछ इंसेंटिव और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा वहन की जाने वाली लागत के एक हिस्से की भरपाई इनवेस्टर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड से की जाएगी, ताकि ब्रेक इवन टाइम को कम कर SIPs की पहुंच को बढ़ावा दिया जा सके।
सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक, छोटे SIPs के लिए स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी, RTAs और KRAs की पेशकश सिर्फ पहले तीन छोटे SIPs तक सीमित होगी। म्यूचुअल फंडों के प्रस्तावित छोटे फॉर्मैट का मकसद फाइनेंशियल इनक्लूजन को बढ़ावा देना और म्यूचुअल फंडों मे छोटी-छोटी बचत का प्रवाह सुनिश्चित करना है।