Stock Market Trend : कच्चे तेल के 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलने से बाजार का मूड खराब हुआ है। निफ्टी 200 अंक फिसलकर 24000 के स्तर के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी में 550 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट है। ICICI BANK, SBI और HDFC बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज बिकवाली देखने को मिल रही है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX करीब 5 फीसदी उछलकर 13 के ऊपर आ गया है। ट्रंप टैरिफ के डर से फार्मा सेक्टर का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है। निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। ऑरो फार्मा, जायडस लाइफ और ल्यूपिन में गिरावट है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।
फार्मा के साथ ही रियल एस्टेट और सरकारी बैंकों में भी बिकवाली देखने को मिल रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी फिसले हैं। साथ ही फाइनेंशियल सर्विसेस और कैपिटल मार्केट इंडेक्स भी एक फीसदी से ज्यादा नीचे है। हालांकि चुनिंदा ऑटो शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। TVS मोटर्स और बजाज ऑटो तीन फीसदी से ज्यादा उछाल के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं।
निफ़्टी आउटलुक और स्ट्रैटेजी
वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि पिछले कुछ हफ़्तों से निफ़्टी एक दायरे में ही कारोबार कर रहा है। यह ध्यान देने वाली बात है कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी (कीमतें निचले स्तर से बढ़कर $92 प्रति बैरल तक पहुंच गईं) और भारतीय रुपये की कीमत में गिरावट के बावजूद, निफ़्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है। यह बेहतर प्रदर्शन का संकेत है।
हालांकि, इंडेक्स में अभी तक कोई खास तेजी नहीं दिखी है। तेजी की पुष्टि के लिए 24,250 के स्तर को पार करना जरूरी है। नीचे की तरफ, तत्काल सपोर्ट 24,100 के आस-पास है। अगर यह 24,100 के नीचे जाता है, तो शॉर्ट-टर्म में बिकवाली का दबाव बन सकता है। तब तक, बाज़ार से दूर रहना ही बेहतर है।
उम्मीद है कि मार्केट धीरे-धीरे 24,728 के लेवल की ओर बढ़ेगा, हालांकि यह काफी हद ग्लोबल इवेंट्स पर निर्भर करेगा। इन्वेस्टर्स को जारी जियोपॉलिटिकल तनाव से जुड़े रिस्क का भी ध्यान रखना चाहिए।
अगर निफ्टी 24,250 के लेवल को पार करता है, तो यह 24,420 और उसके बाद 24,728 के गैन लेवल तक जा सकता है। तुरंत सपोर्ट 24,103 पर है, और उसके बाद 24,030 पर अगला सपोर्ट है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि दूसरे मोर्चों पर अच्छी खबरों के बावजूद, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बनाए रखेंगी। ऑटोमोबाइल सेक्टर के शुरुआती Q1 नतीजे शानदार रहे हैं और मैनेजमेंट की बातें उम्मीद जगाने वाली हैं। एक्सपोर्ट भी अच्छा चल रहा है।
बड़े बैंकिंग शेयरों में कीमतों में गिरावट का दौर अब खत्म होता दिख रहा है। इस सेक्टर में वैल्यू दिख रही है। FCNR डिपॉजिट से डॉलर के आने (इनफ्लो) के बारे में अच्छी खबरों से रुपया स्थिर रहने की उम्मीद है। यह आंकड़ा अब 20 अरब डॉलर को पार कर गया है। आगे चलकर इस इनफ्लो में और तेजी आने की संभावना है।
पिछले एक महीने में चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में भारी गिरावट के कारण, वैल्यूएशन के नज़रिए से भारत अपेक्षाकृत स्थिर और आकर्षक बना हुआ है। FPIs अब भारत में बड़े पैमाने पर बिकवाली नहीं कर रहे हैं और कुछ दिनों में तो वे खरीदार भी बन रहे हैं।
ऐसे में बाजार में गिरावट आने पर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को खरीदने का मौका मिलेगा। निकट भविष्य में ब्रॉडर मार्केट का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।