Market This Week: US-ईरान विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद कम होने, भारतीय रुपये में भारी गिरावट, लगातार FII के बाहर जाने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, मार्केट में लगातार पांचवें हफ़्ते गिरावट आई, जो अगस्त 2025 के बाद से सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है। 27 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 949.74 अंक यानी 1.27 फीसदी गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 294.9 अंक यानी 1.27% गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।
बीते हफ्ते बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.3 फीसदी टूटा। Gujarat Gas, Bharat Dynamics, New India Assurance Company, Escorts Kubota, Bajaj Housing Finance, Torrent Power, Godrej Industries, Cochin Shipyard, NTPC Green Energy, and 360 ONE WAM मिडकैप के टॉप लूजर रहा। वहीं दूसरी तरफ Gland Pharma, Oracle Financial Services Software, Coforge, LIC Housing Finance, Vishal Mega Mart, Persistent Systems, and Premier Energies टॉप गेनर रहा।
बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स बीते हफ्ते 1 फीसदी लुढ़का। Embassy Developments, Brainbees Solutions, PTC Industries, Chennai Petroleum Corporation, RHI Magnesita India, Jaiprakash Power Ventures, Finolex Industries, Garden Reach Shipbuilders & Engineers, Relaxo Footwears, Kirloskar Brothers, Bombay Burmah Trading Corporation, Finolex Cables, and EIH में 8- 13 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ HEG, AFFLE 3I, Emcure Pharmaceuticals, Apar Industries, ACME Solar Holdings, Sammaan Capital, Five-Star Business Finance, and Brigade Enterprises में 7- 15 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
सेक्टर्स में, IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। निफ्टी डिफेंस और PSU बैंक इंडेक्स में 4-4% की गिरावट आई, जबकि रियल्टी इंडेक्स में 3.7%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 2.4% और मेटल इंडेक्स में 2% की गिरावट आई।
इस हफ़्ते Reliance Industries के मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली। इसके बाद Hindustan Unilever, Bajaj Finance, Bharat Electronics में दबाव दिखा। वहीं दूसरी तरफ Larsen & Toubro, Bajaj Finance, HCL Technologies के मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में बढ़त देखने को मिली।
विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार छठे सेशन में भारतीय इक्विटी में लगातार बिकवाली करते रहे, और उन्होंने ₹24,596.46 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने अपनी खरीदारी का ट्रेंड जारी रखा, और ₹26,897.05 करोड़ के इक्विटी खरीदे।
इस हफ़्ते भारतीय रुपया और कमज़ोर हुआ, जिससे लगातार चौथे हफ़्ते इसकी गिरावट जारी रही। शुक्रवार के सेशन में यह US डॉलर के मुकाबले 94.84 के नए ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया और 27 मार्च को 94.81 के रिकॉर्ड लेवल के पास बंद हुआ, जो 20 मार्च के 93.70 से 111 पैसे (1.18%) की बड़ी गिरावट दिखाता है।