भारतीय शेयर बाजारों में 25 मार्च को कारोबार की शुरुआत मजबूत रही, सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार सातवें दिन बढ़त देखने को मिली है। मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ में नरमी की खबरों के बाद निवेशकों का मूड सुधरा है। इससे ग्लोबल ट्रेडवॉर की आशंका कम हुई है।
इन खबरों के चलते आईटी शेयरों में तेजी आई। ये अमेरिकी ग्रोथ में मंदी की चिंताओं के कारण दबाव में थे। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जोखिम कम होने के साथ ही इस सेक्टर में खरीदारों के पक्ष में रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो अच्छा हो गया है। सुबह करीब 10:00 बजे के आसपास सेंसेक्स 718.33 अंक या 0.92 प्रतिशत बढ़कर 78,702.71 पर था। वहीं, निफ्टी 196.50 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,854.85 पर था। करीब 1613 शेयरों में तेजी, 1567 शेयरों में गिरावट और 143 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील की राय है कि ट्रंप प्रशासन शुरू में उन देशों पर रिसीप्रोकल टैक्स लगा सकता है जिनका अमेरिका से सबसे ज्यादा कारोबारी होता। इससे टैरिफ के चलते महंगाई के प्रभाव का दायरा कम हो सकता है और दूसरे देशों के साथ ट्रेड वार्ता को सुविधाजनक तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार हो रही शॉर्ट-कवरिंग और कैश मार्केट में मजबूत संस्थागत खरीद से भी शेयर बाजारों को मदद मिल रही है।
24 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा। इस दिन इन्होंने 3,055.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 98.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस साल अब तक एफआईआई 1.55 लाख करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध विक्रेता रहे हैं, जबकि डीआईआई ने 1.82 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
इस तेजी के बावजूद बाजार में जोखिम बने हुए हैं। भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ़-संबंधी चिंताएं सेंटीमेंट खराब कर सकती हैं। बाजार का आगे का रास्ता घरेलू खपत में सुधार और कॉर्पोरेट आय की मजूबूती पर निर्भर करेगा।
आज के कारोबारी सत्र में ब्रॉडर मार्केट में सपाट कारोबार देखने को मिल रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि स्मॉलकैप 100 में 0.2 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि करेक्शन अभी पूरा नहीं हुआ है। आगे भी गिरावट का जोखिम बना हुआ है। सालाना आधार पर मिड और स्मॉल कैप दोनों इंडेक्स लाल निशान में बने हुए हैं। मिडकैप में 8 फीसदी और स्मॉलकैप में 12 फीसदी की गिरावट आई है। ये इस सेक्टर में कायम कमजोरी का संकेत है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर तेजी का सिलसिला मौजूदा स्तरों से और तेजी आने का संकेत है। उनका मानना है कि बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी तेजी का ही है। लेकिन अस्थायी ओवरबॉट स्थितियों के कारण ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। डे ट्रेडरों के लिए 23,700-23,800 और 78,300-78,500 (निफ्टी और सेंसेक्स)के रेंज में रेजिस्टेंस होगा। जबकि ट्रेंड-फॉलो करने वाले ट्रेडरों के लिए 23,500-23,400/77,500-77,200 पर अहम सपोर्ट होगा।
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