Market trend : बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के अनुज सिंघल ने कहा कि ग्लोबल बाजारों में गिरावट 3 कारणों के चलते हो रही है। पहला कारण है। जापान में हुई दरों में 0.25 फीसदीकी बढ़त। इसके येन कैरी ट्रेड वाले सौदे कटने का डर है। दूसरा कारण है US में नौकरियों के आंकड़ों से मंदी का नया रिस्क पैदा हुआ है। तीसरा कारण इजरायल को लेकर जियोपॉलिटिकल चिंता है। पहले और तीसरे कारण का भारतीय बाजारों पर ज्यादा असर नहीं होगा। दूसरे कारण का IT शेयरों पर सीधा असर होगा। अगर आप निवेशक हैं तो DIP और SIP का फॉर्मूला याद रखें। अगर आप ट्रेडर हैं तो स्क्रीन का सम्मान करें और दोनों तरफ ट्रेड करें। भारतीय बाजार अपने बुल मार्केट से गुजर रहे हैं। ग्लोबल करेक्शन निवेश का शानदार मौका होते हैं। बजट दिन का 24,074 का निचला स्तर बाजार की लक्ष्मण रेखा होगा।
market crash : पहले मजा, फिर सजा!
अनुज ने कहा कि ज्यादा वैल्युएशन की वजह से दुनिया के बाजारों को करेक्शन के लिए एक ट्रिगर चाहिए था। जापानी बाजार एक तरफा गिरावट में 2 दिन में 9 फीसदी टूटे हैं। Intel का शेयर एक दिन में 26 फीसदी टूटा है। Nvidia का शेयर हाल की ऊंचाई से 21 फीसदी फिसला है। वॉरेन बफेट ने एप्पल के 50 फीसदी शेयर बेचे दिए हैं। वॉरेन बफेट के पास इस समय फेड से ज्यादा US ट्रेजरी बॉन्ड हैं। ग्लोबल बाजारों में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। 3 हफ्तों में US में वोलैटिलिटी 100 फीसदी बढ़ी है। इस समय एक ही अच्छा संकेत है। वह है कि फेड को दरें जल्दी घटानी होंगी। ब्रेंट का 77 डॉलर प्रति बैरल के नीचे जाना भारतीय इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव संकेत है।
भारतीय बाजार: क्या हैं सबक?
अनुज के कहा कि भारतीय बाजारों के लिए पहली सीख यही है कि अभी कुछ समय ज्यादा वैल्युएशन वाले शेयरों से दूर रहें। दूसरी सीख जो चीज नहीं चाहिए उसे नहीं मांगो। US इकोनॉमी जब मजबूत थी तब लोग थोड़ी मंदी चाहते थे। तीसरी सीख शेयर आखिर में नतीजों के हिसाब से ही चलेंगे। कुछ समय के लिए FMCG और क्रूड से जुड़े शेयरों में रहें। फार्मा शेयर भी एक और डिफेंसिव सेक्टर हो सकता है। चुनिंदा बैंक शेयरों में अच्छी वैल्यू मिल रही है। अगर आप निवेशक हैं तो आज Nifty ETF में पोजीशन बढ़ाने का अच्छा दिन चल रहा है। हर 250-300 अंकों की गिरावट में Nifty ETF में 20 फीसदी पोजीशन जोड़ें।
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