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Market Trend: बीते हफ्ते 1 महीने की तेजी 3 दिन में हुई स्वाहा, क्या बैंक निफ्टी आज बनेगा मार्केट का लीडर?

Market Trend:बैंक निफ्टी में 56,500 Make Or Break जोन है। अगर 56,500 रिजेक्ट हुआ तो शॉर्ट करें, लेकिन अगर 56,500 के ऊपर टिके तो रैली हो सकती हैऔर अगर रैली हुई तो वापस 57,200 जाने का मौका मिलेगा, लेकिन अगर 56,500 रिजेक्ट हुआ तो फिर 56,000 आने का रिस्क होगा।

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Apr 27, 2026 पर 8:53 AM
Market Trend: बीते हफ्ते 1 महीने की तेजी 3 दिन में हुई स्वाहा, क्या बैंक निफ्टी आज बनेगा मार्केट का लीडर?
Market trend : बैंक निफ्टी में 56,500 Make Or Break जोन है। अगर 56,500 रिजेक्ट हुआ तो शॉर्ट करें, लेकिन अगर 56,500 के ऊपर टिके तो रैली हो सकती है

अनुज सिंघल, मैनेजिंग एडिटर, सीएनबीसी-आवाज

आज बाजार के पास ना चलने का कोई कारण नहीं है। ब्रेंट क्रूड $107 से गिरकर $100 पर आ गया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का नया प्रस्ताव दिया है। नया प्रस्ताव अगर स्वीकार हो गया तो युद्ध का स्थायी अंत हो जाएगा। ग्लोबल बाजारों में जोरदार तेजी है। रिलायंस के अच्छे नतीजे लेकिन बैंकों के नतीजे मिलेजुले रहे। इस हफ्ते स्टेट चुनावों का आखिरी फेज भी खत्म हो जाएगा। गुरुवार को बाजार एग्जिट पोल्स पर रिएक्ट करेगा और ये हफ्ता छोटा है, शुक्रवार को छुट्टी है। हमारा नजरिया इंडेक्स पर सतर्क रहा था। पिछले पूरे हफ्ते निफ्टी ने lower lows बनाए और हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुआ। चुनिंदा शेयरों में मौके अब भी जबरदस्त हैं, उन्हीं पर फोकस करें।

आज के संकेत

आज खुलते ही बाजार RIL और एक्सिस बैंक के नतीजों पर रिएक्ट करेगा। सन फार्मा ने अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण किया, लेकिन बाजार का सबसे बड़ा फोकस अभी भी ब्रेंट क्रूड पर है। US-ईरान में अगर बड़ा समझौता हुआ तो बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव होगा। वीकेंड पर 2 डेवलपमेंट्स हुईं जो काफी खराब थीं। पहले तो ट्रंप ने अपना डेलिगेशन भेजने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा अगर ईरान को बात करनी है तो फोन पर कर ले। फिर कल डॉनल्ड ट्रंप पर हत्या की कोशिश हुई। मगर आज सुबह-सुबह एक बड़ी पॉजिटिव खबर आई। Axios के मुताबिक ईरान ने एक और प्रस्ताव भेजा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी तक ज्यादातर बंद ही है और इसीलिए कच्चा तेल अब भी $100 या उसके आसपास बना हुआ है। बाजार में बड़ी रैली के लिए क्रूड का $90 के नीचे आना जरूरी होगाऔर जब तक डील ना हो जाए, हर रैली में बिकवाली का डर रहेगा।

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