भारतीय बाजार दुनिया भर के प्रमुख इंडेक्सेस को पछाड़कर मजबूत स्थिति में है। इसका प्रमाण अप्रैल में निफ्टी में 1.24 प्रतिशत का उछाल है। पिछले पांच वर्षों में 'मई में बेचें और चले जाएं' ('Sell in May and Go Away') के पारंपरिक नजरिये का असर - 2019 में, एक चुनावी वर्ष में कम होता हुआ दिखा। मई के महीने में बाजार से 1.49 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न मिला। अब तक, Q4 के नतीजे प्रभावशाली और बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहे हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहा भूराजनीतिक तनाव शांत हो गया है। ये कारक आने वाले महीनों में घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं। हालांकि, ट्रेडर्स को स्मॉल और मिड-कैप में अपने अत्यधिक निवेश को कम करना चाहिए क्योंकि हम ब्लू-चिप कंपनियों में अधिक संभावनाएं देखते हैं।
