Stock market news : कल की भारी गिरावट के बाद बाजार रिकवरी की कोशिश करता नजर आ रहा है। निफ्टी 50 अंक से ज्यादा चढ़कर 25500 के पार निकल गया है। बैंक निफ्टी में 300 अंकों से ज्यादा का उछाल देखने को मिल रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी हल्की खरीदारी नजर आ रही है। डिफेंस और सरकारी कंपनियों में जोरदार तेजी है। दोनों सेक्टर इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा मजबूत नजर आ रहे हैं। कोल इंडिया और BEL निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही PSU बैंकों में अच्छी खरीदारी आई है। चुनिंदा मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी चले हैं। लेकिन IT में आज भी दबाव कायम है।
10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.98 अंक या 0.18 फीसदी बढ़कर 82,646.12 पर और निफ्टी 60.10 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 25,514.45 पर दिख रहा था। लगभग 1687 शेयर बढ़े थे। 1524 शेयर गिरे थे और 168 शेयर बिना किसी बदलाव के ट्रेड कर रहे थे।
नतीजों के बाद ABB इंडिया का शेयर भागा है। ये शेयर करीब 5 फीसदी चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। चौथी तिमाही में कंपनी के ऑर्डरबुक में 52 फीसदी का उछाल दिखा है। उधर सीमेंस में भी जोश आया है।
हिस्सा बिक्री की खबर से नोवार्टिस इंडिया 16 फीसदी उछला है। कंपनी में 71 फीसदी हिस्सा बेचने के लिए NOVARTIS AG ने क्रिस कैपिटल से करार किया है। उधर क्रिस कैपिटल ने 26 फीसदी अतिरिक्त हिस्से के लिए करीब 861 रुपये के भाव पर ओपन ऑफर का एलान किया है।
अच्छे ग्लोबल संकेतों और करेक्शन के बाद अच्छे शेयरों में खरीदारी से बाजार में रिकवरी आई है। 20 फरवरी को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स हल्के हरे निशान ने दिख रहे है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर डील करने के लिए 10 से 15 दिन की डेडलाइन दी है। इससे बाजार को थोड़ी राहत मिली है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड का 72 डॉलर तक बढ़ना मार्केट में बढ़ते डर और अनिश्चितता को दिखाता है। ईरान को प्रेसिडेंट ट्रंप की चेतावनी ने मार्केट को मुश्किल में डाल दिया है। ट्रंप की डेड लाइन के बाद कोई डील होगी या नहीं, मिसाइलें उड़ेंगी या नहीं,यह शॉर्ट-टर्म में मार्केट के बिहेवियर को तय करेगा। IT स्टॉक्स में लगातार कमजोरी मार्केट के लिए एक और बड़ी चिंता का विषय है।
इन तमाम दिक्कतों के बीच,भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती और Q3 के आंकड़ों से मिले कंपनियों के अर्निंग में सुधार के संकेत,बाज़ार के लिए अच्छी बातें हैं। अगर आने वाले दिनों में US-ईरान का टकराव सुलझ जाता है तो बाज़ार में उछाल आएगा। इसलिए,निवेशक पश्चिम एशिया में हो रहे बदलावों पर नजर रख सकते हैं। इस बीच,जो निवेशक किसी संभावित डील को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं, वे बाज़ार की मौजूदा कमज़ोरी का इस्तेमाल बैंकिंग और फ़ाइनेंशियल,ऑटो,फ़ार्मास्यूटिकल्स,होटल,बड़े कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम में सही कीमत वाले अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक खरीदने के लिए कर सकते हैं। पीछे मुड़कर देखने पर पता चलता है कि बाजार में इस तरह की मुश्किलें अक्सर खरीदने के अच्छे मौके देती आई हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि ईरान से जुड़ी कोई भी खराब खबर होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए होने वाले शिपमेंट पर असर डाल सकती है। यह भारत के लिए खास तौर पर बुरा होगा, क्योंकि हम इस इलाके से होने वाले क्रूड ऑयल इंपोर्ट पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। खेमका ने आगे कहा कि कि जियोपॉलिटिकल रिस्क और तेल सप्लाई में रुकावट की संभावना को देखते हुए मार्केट शॉर्ट टर्म में सतर्क रहेंगे।
आज इन अहम स्तरों पर रहे नजर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि हालांकि 25900 के पास पहुंचने पर मोमेंटम में कमी आने की उम्मीद थी,लेकिन इस एरिया से जो गिरावट आई है वह उम्मीद से बहुत ज्यादा रही। इसके चलते बनी बेयरिश एनगल्फिंग कैंडलस्टिक ने पिछले कुछ दिनों से चल रहे अपट्रेंड को खत्म कर दिया है। कल गिरावट के बाद आज रिकवरी की उम्मीद है। निफ्टी 25580 की ओर बढ़ता दिख सकता है। दूसरी स्थिति में निफ्टी 25450-180 एरिया के अंदर कंसोलिडेट होता दिख सकता है। लेकिन आज इसके और गिरने की संभावना कम है।
बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि 25,200 के पास स्थित 200 डे का लेवल अब निफ्टी के लिए अगला अहम शॉर्ट टर्म सपोर्ट ज़ोन है और अगर आने वाले सेशन में भी बिकवाली जारी रहती है तो कमज़ोरी बढ़ सकती। नीचे की तरफ, तत्काल सपोर्ट 25,350 और 25,000 पर दिख रहे हैं,जो आगे कमज़ोरी आने पर कुशन का काम कर सकते हैं। ऊपर की तरफ,रेजिस्टेंस 25,650 पर है,उसके बाद अगला बड़ा रेजिस्टेंस 25,720 है।
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