Market view : हफ़्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन में,घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स निफ़्टी में एक और तेज़ 'गैप-डाउन'ओपनिंग देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक अनिश्चितता का बढ़ना था। पूरे सेशन के दौरान निगेटिव माहौल बना रहा। लगातार बने बिकवाली के दबाव के चलते इंडेक्स पूरे दिन लाल निशान में ही रहा। आखिरकार, निफ़्टी 22500 के स्तर के करीब बंद हुआ। इसमें आज 2.60% की भारी गिरावट देखने को मिली। खास बात यह है कि यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल था। निफ्टी ने एक लंबी और बड़ी 'बेयरिश कैंडल' बनाई। ये बाजार में मंदी कायम रहने और जोखिम से बचने के सेंटीमेंट का संकेत है।
मिड और स्मॉल कैप से नज़रिए से देखें तो अभी चल रहा करेक्शन काफ़ी तेज़ और कम समय में हुआ है। अपने अब तक के हाई से Nifty अब 14% से ज़्यादा नीचे गिर गया है। यह गिरावट सिर्फ़ 52 ट्रेडिंग सेशन में आई है। यह हाल के समय में आई सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है। तकनीकी तौर पर देखें बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे चला गया है। मोमेंटम बेस्ड इंडिकेटर लगातार भारी गिरावट के संकेत दे रहे हैं,जिससे नियर टर्म में बाजार में स्थिरता आने के बहुत कम आसार दिख रहे हैं।
स्टॉक स्पेसिफिक नजरिए से देखें तो श्रीराम फाइनेंस,टाइटन और ट्रेंट निफ्टी पैक में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे। इन्हें भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। इसके विपरीत,HCL टेक्नोलॉजीज़ और पावर ग्रिड ब्रॉडर मार्केट की कमज़ोरी के बावजूद बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे और इस बड़े पैमाने पर आई गिरावट के बीच मुनाफा कमाने वाले कुछ चुनिंदा शेयरों में शामिल रहे। सेक्टोरल नज़रिए से देखें तो,सभी अहम सेक्टोरल इंडेक्स कारोबारी सत्र के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे यह साफ़ हो गया कि बिकवाली का असर पूरे बाज़ार पर पड़ा है। इनमें से,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।
सावधानी भरे माहौल के बीच,वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX आज के सत्र के दौरान 17% से ज़्यादा बढ़ गया। ये मार्केट में डर और अनिश्चितता की भावना में भारी उछाल का संकेत है। India VIX जून 2024 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुआ। ये बाज़ार में जोखिम की आशंका और बढ़ती घबराहट को दिखाता है।
आज की कमज़ोरी सिर्फ़ फ्रंटलाइन इंडेक्स तक ही सीमित नहीं रही। पूरे बाज़ार को भारी नुकसान हुआ। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों इंडेक्स 3.9% से ज़्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। Advance–Decline ratio से पता चलता है कि मार्केट ब्रेथ पूरी तरह से निगेटिव रही। Nifty 500 के सिर्फ़ 15 शेयर ही बढ़त के साथ बंद हो पाए,जिससे यह साफ़ ज़ाहिर होता है कि बाज़ार के सभी हिस्सों में बिकवाली कितनी ज़ोरदार और बड़े पैमाने पर हुई।
आगे निफ्टी के लिए 22650–22680 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। जब तक इंडेक्स 22680 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक गिरावट का रुझान बने रहने की संभावना है। ऐसे में निफ्टी 22350 तक और उसके बाद 22200 तक नीचे जा सकता है। हालांकि,22680 के ऊपर की कोई मजबूत बढ़त इसे अगले रेजिस्टेंस लेवल 22850 की ओर ले जा सकती है। लेकिन,जब तक यह बढ़त टिकाऊ नहीं होती तब तक इसे केवल एक करेक्टिव मूव ही माना जाएगा।
बैंकिंग बेंचमार्क Bank Nifty में भी सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। इसने अहम इंडेक्सों के मुकाबले काफी खराब प्रदर्शन किया। यह इंडेक्स 51500 के स्तर से नीचे बंद हुआ। इसमें 3.72% की भारी गिरावट देखने को मिली। साथ ही इसने एक बड़ी 'बेयरिश कैंडल' बनाई,जो कि भारी बिकवाली के दबाव का संकेत है।
बैंक निफ्टी अपने ऑलटाइम हाई से अब तक सिर्फ़ 33 ट्रेडिंग सेशन में लगभग 17% नीचे आ गया है। ये हाल के समय में हुई सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है। तकनीकी रूप से देखें तो इसका सेट-अप कमज़ोर बना हुआ है और सभी मुख्य इंडिकेटर लगातार गिरावट के रुझान की ओर इशारा कर रहे हैं।
आगे बैंक निफ्टी के लिए 51900–52000 का ज़ोन एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। जब तक इंडेक्स 52000 के नीचे रहता है, तब तक और नीचे जाने का जोखिम बना रहने की संभावना है। उम्मीद है कि नियर टर्म में बैंक 50700 और उसके बाद 50000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को टेस्ट करेगा।
सुदीप शाह, हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, SBI सिक्योरिटीज
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