ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 26 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। आंकड़ा 2466.1 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एक साल पहले मुनाफा 3349 करोड़ रुपये था। वहीं ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 50618.1 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2025 तिमाही में यह 40138.7 करोड़ रुपये था। पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे माल की लागत बढ़ने और निवेश की गई अतिरिक्त पूंजी पर 'मार्क-टू-मार्केट' लॉस होने से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा।
कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 50619 करोड़ रुपये के रहे, जबकि एक साल पहले ये 39018.4 करोड़ रुपये के थे। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। सितंबर 2026 तिमाही में मारुति सुजुकी ने 6,96,654 व्हीकल्स बेचकर अपनी अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की। यह सालाना आधार पर 26.5 प्रतिशत ज्यादा रही।
FY27 के पहले 6 महीनों में कैसा बिजनेस
अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले 6 महीनों के दौरान मारुति सुजुकी इंडिया का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 100580.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले समान अवधि में रेवेन्यू 76762.8 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 5913 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि सितंबर 2025 छमाही में मुनाफा 7141.4 करोड़ रुपये रहा था।
Maruti Suzuki का शेयर हरे निशान में बंद
27 अक्टूबर को मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में तेजी है। BSE पर कीमत 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ 11454.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 3.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह 3 महीनों में 16 प्रतिशत कमजोर हुआ हैं। एक साल में कीमत 30 प्रतिशत फिसली है।
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