Mazagon Dock में 4.83% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस समेत जानें पूरी डिटेल

Mazagon Dock OFS: सरकार मझगांव डॉक में 4.83% हिस्सेदारी बेचने का प्लान बना रहा है। OFS के तहत 2.83% हिस्सेदारी और 2% ग्रीन शू ऑप्शन रखा गया है। आइए जानते हैं कि सरकार हिस्सेदारी क्यों बेच रही है और इसका फ्लोर प्राइस कितना है।

अपडेटेड Apr 03, 2025 पर 10:07 PM
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मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड भारतीय रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है।

Mazagon Dock Stake Sell: केंद्र सरकार ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders Ltd) में अपनी 4.83% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। यह विनिवेश ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए किया जाएगा। इसकी जानकारी कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में दी है।

कितनी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार?

सरकार OFS के तहत 2.83% (करीब 57.1 लाख शेयर) की बेस हिस्सेदारी ऑफर करेगी। साथ ही, ग्रीन शू ऑप्शन (Green Shoe Option) के तहत अतिरिक्त 2% (करीब 40.3 लाख शेयर) बेचने की संभावना भी है। नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए यह OFS 4 अप्रैल 2025 से खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशकों इसमें 7 अप्रैल से हिस्सा ले सकेंगे। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹2,525 प्रति शेयर रखा गया है, जो मौजूदा बाजार मूल्य (CMP) से 8% कम है।


मझगांव डॉक का बिजनेस क्या है?

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड भारतीय रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है। इसे 'Ship Builder to the Nation' भी कहा जाता है। यह विध्वंसक (Destroyers), फ्रिगेट (Frigates) और कॉरवेट (Corvettes) जैसी वॉरशिप की मैन्युफैक्चरिंग में माहिर है। यह भारत का इकलौता शिपयार्ड है जो पारंपरिक पनडुब्बियां तैयार करता है। इसमें स्कॉर्पीन-क्लास (Scorpene-Class) पनडुब्बियां भी शामिल हैं।

मझगांव डॉक व्यावसायिक जहाजों जैसे कार्गो शिप, टग बोट और ड्रेजर की भी मैन्युफैक्चरिंग और रिपेयरिंग करती है। यह 1960 से अब तक 800 से अधिक जहाज बना चुकी है। इसमें 25 युद्धपोत और 3 पनडुब्बियां शामिल हैं। फिलहाल, कंपनी के पास ₹54,000 करोड़ से अधिक का ऑर्डर बैकलॉग है।

हिस्सेदारी क्यों बेच रही है सरकार?

सरकार के पास फिलहाल मझगांव डॉक में 84.83% हिस्सेदारी है, जबकि पब्लिक के पास सिर्फ 15.17%। इस बिक्री के बाद सरकारी हिस्सेदारी 80% तक आ सकती है। मझगांव डॉक में हिस्सेदारी बेचने के पीछे सरकार के कई मकसद हैं। आइए उनके बारे में भी जान लेते हैं।

  • यह बिक्री सरकार की विनिवेश से राजस्व जुटाने की रणनीति का हिस्सा है, जिससे वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
  • SEBI SEBI के नियमों के अनुसार, किसी भी लिस्टेड कंपनी में कम से कम 25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग होनी चाहिए। सरकार इस दिशा में धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही है।
  • मझगांव डॉक का IPO 2020 में आया था। तब से इसके शेयर 3,000% तक बढ़ चुके हैं। ऐसे में सरकार इसे ऊंचे वैल्यूएशन पर हिस्सेदारी बेचकर मुनाफा बुक कर सकती है।

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