MCX share price: मल्टी कमोडिटी एक्सेंचज ऑफ इंडिया (MCX) के शेयरों में शुक्रवार 2 जनवरी को कई ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों पर 80 फीसदी से अधिक की भारी गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट ने कई निवेशकों को चौंका दिया। हालांकि निवेशकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल यह गिरावट कंपनी के शेयरों में 1:5 अनुपात में स्टॉक स्प्लिट के लागू होने के चलते दिख रही है। स्टॉक स्प्लिट के चलते कंपनी के शेयरों का भाव एडजस्ट हुआ है, जो कई ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों पर गिरावट के तौर पर दिख रहा है।
इससे पहले MCX के शेयर 1 जनवरी को 10,989 रुपये के भाव पर बंद हुए थे। हालांकि स्टॉक स्प्लिट के बाद आज 2 जनवरी को कंपनी के शेयर 2,230 रुपये के आसपास खुले। इससे कई निवेशकों को यह लगा कि शेयर में एक झटके में 80 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ गई है। लेकिन वास्तविकता इसके ठीक उलट रही। स्प्लिट के आधार पर नई कीमत पर देखें तो शेयर करीब 4 प्रतिशत चढ़कर ₹2,278 के नए 52-वीक हाई तक पहुंच गया
MCX का पहला स्टॉक स्प्लिट
शेयरधारकों के लिए इसका क्या मतलब है?
स्टॉक स्प्लिट से निवेशकों की लगाई पूंजी पर कोई असर नहीं पड़ता। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक ने MCX के 10 शेयरों को 100 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा है, तो उसके निवेशक की कुल वैल्यू 1,000 रुपये होगी। हालांकि स्टॉक स्प्लिट में हर शेयर के पांच टुकड़ों में बंटने के चलते, उसके पास मौजूद 10 शेयरों की संख्या बढ़कर अब 50 हो जाएगी। लेकिन उसी अनुपात में उसके शेयरों की कीमत भी घट जाएगी। यानी जो शेयर पहले 100 रुपये के थे, अब घटकर 20 रुपये हो जाएगी। इस तरह उसके निवेश की वैल्यू 1,000 रुपये ही बनी रहेगी।
स्टॉक स्प्लिट क्यों करती हैं कंपनियां?
कंपनियां आमतौर पर स्टॉक स्प्लिट इसलिए करती हैं ताकि अपने शेयरों की कीमत घटाने के लिए इसका इस्तेमाल करती है, जिससे उसके शेयर रिटेल निवेशकों के लिए अधिक सुलभ हो सके। इसके अलावा इससे शेयर की लिक्विडिटी भी बढ़ती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार आता है। हालांकि, स्टॉक स्प्लिट से कंपनी का मार्केट कैप या उसके फंडामेंटल्स नहीं बदलते।
दिन के कारोबार में शुरुआती तेजी के बाद MCX के शेयरों में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। सुबह करीब 11:30 बजे शेयर लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,230 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
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