MF Investment : जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड (MF) स्कीमों की कैश होल्डिंग 19 महीने के निचले स्तर पर आ गई। इस अवधि में फंड हाउसों ने भारतीय बाजारों में मजबूती के बीच घरेलू इक्विटी मार्केट में जम कर निवेश किया है। जिससे इनकी कैश होल्डिंग्स में भारी गिरावट आई है। बाजार में यह मजबूती अमेरिका-ईरान-इजराइल युद्ध से जुड़े तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतें घटने की वजह से आई।
जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों में कैश होल्डिंग 1.84 लाख करोड़ रुपये रही,जो नवंबर 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। नवंबर 2024 में यह 1.80 लाख करोड़ रुपये पर थी। जून का इनका कैश बैलेंस मई के 1.88 लाख करोड़ रुपये से 2.3 प्रतिशत घटा है। ACE इक्विटीज के ताजे आंकड़ों के मुताबिक जून महीने के दौरान कुल इक्विटी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के प्रतिशत के तौर पर कैश होल्डिंग लगभग 4 प्रतिशत रही, जो दिसंबर 2025 के आखिर में 4.9 प्रतिशत थी।
54 म्यूचुअल फंड हाउस में से 31 ने जून महीने के दौरान अपनी कैश होल्डिंग कम की,जबकि 23 ने इसे बढ़ाया। जून में भारतीय इक्विटी मार्केट मजबूत बने रहे, जिसमें बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त हुई। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी रही। जिसके चलते BSE 150 मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
कैश होल्डिंग में कमी के मामले में SBI म्यूचुअल फंड सबसे आगे रहा। जून में इसका कैश बैलेंस घटकर 22,084 करोड़ रुपये हो गया,जो मई में 25,914 करोड़ रुपये था। इसके बाद PPFAS म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड का नंबर रहा। इनकी कैश होल्डिंग 26,105 करोड़ रुपये और 4,435 करोड़ रुपये से घटकर 24,108 करोड़ रुपये और 2,532 करोड़ रुपये पर आ गई।
कैश होल्डिंग कम करने वाले दूसरे फंड हाउसों में बंधन म्यूचुअल फंड,HDFC म्यूचुअल फंड,एक्सिस म्यूचुअल फंड,कोटक म्यूचुअल फंड और DSP म्यूचुअल फंड शामिल रहे।
उधर कैश होल्डिंग बढ़ाने वाले फंडों की बात करें तो क्वांट म्यूचुअल फंड ने जून में अपना कैश बैलेंस मई के ₹12,183 करोड़ से बढ़ाकर ₹14,008 करोड़ कर दिया। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने भी अपनी कैश होल्डिंग बढ़ाई है। निप्पॉन इंडिया की होल्डिंग ₹5,387 करोड़ से बढ़कर ₹7,195 करोड़ और ICICI प्रूडेंशियल की होल्डिंग ₹18,540 करोड़ से बढ़कर ₹20,042 करोड़ हो गई।
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