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कैपिटल गुड्स, डिफेंस, EMS, रिन्यूएबल सेक्टर के मिडकैप स्टॉक्स कर सकते हैं निराश

Kotak Institutional Equities ने कहा कि इसके पहले भी बाजार की मजबूत तेजी और लंबी अवधि के लिए हाई प्रॉफिटैब्लिटी की शुरुआती कहानी के मुकाबले उसके अंतिम परिणाम निराशाजनक रहे हैं। (1) माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) और छोटे वित्त बैंकों (SFBs) (2) कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एपेरल और (3) स्पेशियालिटी केमिकल्स में ऐसा अनुभव किया है, जहां परिणाम नैरेटिव्स के मुताबिक नहीं रहे

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Jul 22, 2023 पर 10:23 AM
कैपिटल गुड्स, डिफेंस, EMS, रिन्यूएबल सेक्टर के मिडकैप स्टॉक्स कर सकते हैं निराश
Abakkus के Sunil Singhania ने हाल ही में कहा था चीनी केमिकल्स का उत्पादन फिर से शुरू होने से बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा हो रही है

निफ्टी के 20,000 के करीब पहुंचने के साथ, ट्रेंडी थीम का बढ़ना खासकर मिड-कैप शेयरों में उत्साह बढ़ा रहा है। हालांकि यह उत्साह एक चेतावनी के साथ आ रहा है क्योंकि पिछले कई बार ऐसी ही उच्च उम्मीदों के कारण मोहभंग हो चुका है। वहीं इस हफ्ते की शुरुआत में नैरेटिव टू नैरेटिव (Narrative to Narrative) शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) के विश्लेषकों ने कहा कि वे "इनवेस्टमेंट थीम्स के नियमित उद्भव एवं तेजी से बढ़ने और मिड-कैप शेयरों की स्टॉक कीमतों पर उनके असंगत प्रभाव से चकित थे।"

पूर्व के अनुभव (Past stories)

विश्लेषकों ने कहा, इसके पहले ऐसे कई मामलों में, बाजार की मजबूत तेजी और लंबी अवधि के लिए हाई प्रॉफिटैब्लिटी की शुरुआती कहानी के मुकाबले उसके अंतिम परिणाम निराशाजनक साबित हुए है। रिपोर्ट में कहा गया है, "हमने इसे (1) माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) और छोटे वित्त बैंकों (SFBs) (2) कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एपेरल, और (3) स्पेशियालिटी केमिकल्स में अनुभव किया है, जहां परिणाम नैरेटिव्स के अनुरूप नहीं रहे।"

MFIs/SFBs ने 2015-2019 के दौरान हाई मल्टीपल्स पर कारोबार किया। उनको भरोसा था कि उनके बिजनेस मॉडल लंबे समय तक उच्च और टिकाऊ RoEs उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त मजबूत थे। हालांकि, ऐसा लगता है कि निवेशक बहुत ज्यादा उत्साहित हो गए और उन्होंने प्रमुख मैट्रिक्स को नजरअंदाज कर दिया। निवेशक निचले स्तर के कर्जदारों को असुरक्षित लोन देने की अंतर्निहित कमजोरियों को नजरअंदाज करते हैं। जहां तनाव के समय लॉस-गिवेन डिफॉल्ट (LDG) 100 प्रतिशत तक हो सकता है।

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