Midcap IT Stocks Crash: मिडकैप आईटी शेयरों में 24 फरवरी को बड़ी गिरावट दिखी। दोपहर तक कई आईटी कंपनियों के शेयर 4-8 फीसदी तक क्रैश कर गए। लार्जकैप आईटी शेयरों के मुकाबले मिडकैप आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आईटी कंपनियों के बिजनेस पर पड़ने वाला संभावित असर है। 2 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.77 फीसदी तक फिसल गया था।
इन मिडकैप आईटी शेयरों में ज्यादा गिरावट
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर 2 बजे 6.76 फीसदी गिरकर 4639 रुपये पर चल रहा था। Coforge का शेयर 6.31 फीसदी क्रैश कर 1207 रुपये पर चल रहा था। L&T Technology Services का शेयर तो 7.2 फीसदी गिरकर 3,191 रुपये पर आ गया था। Tata Elxsi का शेयर 5 फीसदी फिसलकर 4,476 रुपये पर चल रहा था। KPIT Technologies, Tata Technologies और Hexaware Technologies के शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।
24 फरवरी को बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। एंथ्रोपिक ने दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आगे आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर बड़ा असर डाल सकता है। उसने कहा है कि एआई टूल्स ज्यादातर ऐसे काम कर सकते हैं, जो अभी आईटी कंपनियां करती हैं। इसका मतलब है कि आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर आगे असर पड़ सकता है। इस वजह से बीते कई हफ्तों से आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिख रहा है।
ब्रोकरेज फर्मों ने दी निवेश में सावधानी बरतने की सलाह
ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेश में अभी सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल आईटी कंपनियों को लेकर सेंटीमेंट कमजोर है। इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कई आईटी कंपनियों के शेयरों को डाउनग्रेड किया था। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि AI का व्यापक असर कंसल्टिंग और इंप्लिमेंटेश वर्क पर पड़ सकता है। हालांकि, CLSA ने कहा है कि एआई को लेकर डर को बढ़ाकर दिखाया जा रहा है। हालांकि, उसने भी वैल्यूएशन में लगातार डी-रेटिंग की वजह से आईटी शेयरों के टारगेट प्राइसेज में कमी की है।
बीते एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 21 फीसदी फिसला
बीते एक महीने में Nifty IT Index 21 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इससे आईटी शेयरों के निवेशकों में घबराहट है। देश की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस का शेयर बीते एक महीने में 18 फीसदी फिसला है। Infosys का शेयर इस दौरान 24 फीसदी गिरा है। Wipro का शेयर 14 फीसदी से ज्यादा गिरा है। HCL Tech का शेयर भी 22.51 फीसदी गिरा है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर इस दौरान 25 फीसदी क्रैश कर चुका है। आईटी शेयरों के लिए साल 2025 भी अच्छा नहीं रहा था।