IDFC First Bank Stocks: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों में 24 फरवरी को लगातार दूसरे दिन गिरावट दिखी। 23 फरवरी को शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। शेयर 16 फीसदी तक गिर गए थे। इससे बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। इसकी वजह आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ की एक ब्रांच में एक बड़े फ्रॉड का खुलासा है। अभी यह फ्रॉड 590 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इस मामले की जांच चल रही है। हालिया गिरावट के बाद शेयर काफी सस्ता हो गया है। सवाल है कि क्या इस शेयर को अभी खरीदने से मोटी कमाई हो सकती है?
मीडियम और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर असर नहीं पड़ेगा
एनालिस्ट्स का कहना है कि फ्रॉड की खबर से शेयर IDFC First Bank के शेयर में तेज गिरावट आई है। इस खबर का काफी ज्यादा असर इस शेयर पर पड़ चुका है। अभी यह जानकारी मिलने में थोड़ा समय लगेगा कि बैंक की अर्निंग्स पर इसका (फ्रॉड) कितना असर पड़ेगा। उनका कहना है कि फिलहाल बैंक के शेयरों में सेंटीमेंट कमजोर दिख रहा है, क्योंकि इनवेस्टर्स फ्रॉड को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, उनका मानना है कि बैंक की मीडियम और लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी पर इस फ्रॉड का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
गिरावट के बाद बैंक के शेयरों की कीमत अट्रैक्टिव
लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बैंक के वैल्यूएशन में तेज गिरावट आई है। अभी इस शेयर में इसके प्राइस-टू-बुक (PB) रेशियो के 1.34 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह बैंक के शेयरों के 5 सालों के औसत 1.6 गुना रेशियो (पीबी) के मुकाबले 19 फीसदी कम है। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, मार्केट्स का मानना है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 87 रुपये तक जा सकता है। यह पहले के शेयर के 90 रुपये के टारगेट प्राइस से थोड़ा कम है।
फ्रॉड का मामला सिर्फ कुछ अकाउंट्स तक सीमित
पिछले साल अकाउंटिंग में अनियमितता की खबर आने के बाद IndusInd Bank के शेयरों में तेज गिरावट आई थी। बाद में यह स्टॉक Nifty 50 Index से बाहर हो गया था। एनालिस्ट्स का कहना है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का मामला अलग है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में बड़ा स्ट्रक्चरल और गवर्नेंस से जुड़ा मसला नहीं है। आरबीआई और हरियाणा के मुख्यमंत्री दोनों ने ही कहा है कि बैंक में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। इस फ्रॉड का संबंध सिर्फ कुछ अकाउंट्स तक सीमित है।
ब्रोकरेज फर्म Emkay ने दी निवेश बढ़ाने की सलाह
ब्रोकरेज फर्म Emkay ने इस फ्रॉड की वजह से आगे हरियाणा सरकार के बैंक डिपॉजिट पर असर पड़ेगा। इससे निकट भविष्य में बैंक की री-रेटिंग में देर हो सकती है। लेकिन, लंबी अवधि में बैंक के रिटर्न ऑन एसेट्स की ग्रोथ पर असर नहीं पड़ेगा। ब्रोकरेज फर्म ने इनवेस्टर्स को बैंक के शेयरों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है। लेकिन, उसने शेयर के टारगेट प्राइस को 95 रुपये से घटाकर 80 रुपये कर दिया है।
नोमुरा ने शेयर को खरीदने की सलाह दी
मोतीलाल ओसवाल ने इस शेयर को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 80 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से बैंक का शेयर 15-16 फीसदी चढ़ सकता है। उसने कहा है कि फ्रॉड का बैंक पर असल असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितना समय में बैंक इससे पूरी तरह से उबरने में कामयाब होता है। नोमुरा ने इस शेयर को 'बाय' रेटिंग यानी खरीदने की सलाह दी है। 24 फरवरी को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 1 बजे 1.84 फीसदी गिरकर 68.75 रुपये पर चल रहा था।