Middle East Conflict : शांति वार्ता के बीच ईरान पर US का अटैक हुआ है। अमेरिका ने होर्मुज के पास माइंस बिछा रहीं ईरानी नावों को तबाह किया है। बंदर अब्बास में भी धमाके हुए। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं होगी। कोई अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ नहीं होगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत अच्छी चल रही है। ईरान ने भी कहा है कि विवादित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छे से आगे बढ़ रही है। बेहतरीन समझौता होगा,या कोई समझौता नहीं होगा। डील नहीं हुई तो जंग और गोलीबारी शुरू होगी। अगला हमला पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और ताकतवर होगा। कोई भी दोबारा युद्ध शुरू नहीं करना चाहता है।
अब्राहम एकॉर्ड पर ट्रंप का जोर
ट्रंप का कहना है कि अब्राहम एकॉर्ड'पर साइन करना जरूरी होना चाहिए। प्रक्रिया में शामिल देशों के लिए इस पर साइन करना जरूरी होना चाहिए। इसमें सऊदी,UAE और कतर को इसमें शामिल होना चाहिए। पाकिस्तान,तुर्किए,मिस्र,जॉर्डन को शामिल होना चाहिए। सऊदी और कतर को सबसे पहले समझौते पर साइन करना चाहिए। डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि अब्राहम एकॉर्ड'से वेस्ट एशिया में शांति आएगी। इससे साल में पहली बार असली ताकत,स्थिरता और शांति आएगी। ईरान ने डील किया तो वो भी इस एकॉर्ड में शामिल होगा।
क्या है 'अब्राहम एकॉर्ड'?
अब्राहम एकॉर्ड 2020 में हुए कई द्विपक्षीय समझौतों की श्रृंखला है। ये समझौते अमेरिका की मध्यस्थता में हुए थे। अब्राहम एकॉर्ड का उद्देश्य इजरायल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक संबंध सामान्य करना और वेस्ट एशिया में नया रणनीतिक और आर्थिक गठजोड़ बनाना है। इस पर पहले UAE,बहरीन,मोरक्को और सुडान ने पहले साइन किया था। इन देशों ने इजरायल के साथ औपचारिक रिश्ते भी बनाए हैं।
अब्राहम एकॉर्ड का फोकस टेक्नोलॉजी सहयोग और व्यापार बढ़ाने पर है। रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को बढ़ाना भी इसका फोकस एरिया है। इस समझौते में शामिल देशों के बीच निवेश और आर्थिक संबंध मजबूत करना भी इसका उद्देश्य है।
इस्माइल बगाई का बड़ा बयान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि ईरान का फोकस अभी जंग खत्म करने पर है। परमाणु मुद्दों पर फिलहाल कोई जोर नहीं है। बातचीत में एक फ्रेमवर्क का बनाना जरूरी है। समझौता जल्द होगा ये अभी नहीं कहा जा सकता। स्ट्रेट पर लेकर कोई साफ प्रावधान शामिल नहीं है। अमेरिका लगातार विरोधाभासी बयान दे रहा है। अमेरिकी बयानबाजी से बात करना मुश्किल हो गया है।
यूरेनियम पर ट्रंप का रुख सख्त
इस बीच डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हमें यूरेनियम देना होगा। ईरान के यूरेनियम को नष्ट करेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के मुश्किलें बढ़ेंगी। ईरान नहीं चाहेगा कि उसे बर्बाद किया जाए। पूरी प्रक्रिया AEC (एटॉमिक एनर्जी कमीशन) के सामने पूरी की जाएगी। यूरेनियम का खात्मा समझौते का हिस्सा होगा।
इजरायल और लेबनान में तनाव बढ़ा
इस बीच इजरायल और लेबनान में तनाव बढ़ गया है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। Axios की रिपोर्ट में कहा गया है कि डील के ड्राफ्ट में इजरायल-लेबनान का युद्ध खत्म करना शामिल नहीं है।
सिंगापुर में RBC कैपिटल मार्केट्स के एशिया मैक्रो स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर अब्बास केशवानी का कहना है कि पहले भी इस तरह की डील को लेकर उम्मीदें टूट चुकी हैं। ऐसे में बाजार नई डील को लेकर सतर्क रहेगा। लेकिन बातचीत में हुई प्रगति से एनर्जी की कीमतों,महंगाई बढ़ने के डर और इन सब के चलते बॉन्ड यील्ड्स में और कमी आ सकती है।
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