हाल ही में लिस्ट हुई मिडवेस्ट लिमिटेड के शेयर शुक्रवार, 26 दिसंबर को 4.6% तक चढ़े। BSE पर शेयर 1700.65 रुपये के नए पीक पर पहुंच गया। बाद में 3.6 प्रतिशत बढ़त के साथ 1685 रुपये पर बंद हुआ। स्टॉक को पहला एनालिस्ट कवरेज मिला है। मोतीलाल ओसवाल ने मिडवेस्ट के शेयर पर "बाय" रेटिंग और ₹2000 प्रति शेयर के प्राइस टारगेट के साथ कवरेज शुरू किया है। बुल केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल का प्राइस टारगेट ₹2500 प्रति शेयर है, जो क्लोजिंग प्राइस से 48% ज्यादा है।
मिडवेस्ट अक्टूबर 2025 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 451.10 करोड़ रुपये का IPO 92.36 गुना भरा था। कंपनी का मार्केट कैप 6000 करोड़ रुपये है। प्रमोटर्स के पास 77.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेयर एक महीने में 40 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
5 साल में 21% से ज्यादा CAGR
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, मिडवेस्ट का कोर मजबूत है, डायवर्सिफिकेशन स्ट्रेटेजिक है और प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर है। यह कंपनी भारत में प्रीमियम ब्लैक गैलेक्सी ग्रेनाइट की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है। यह एब्सोल्यूट ब्लैक ग्रेनाइट की एक दिग्गज कंपनी है। कंपनी वर्टिकली-इंटीग्रेटेड है और इसकी सप्लाई चेन 20 खदानें ऑपरेट करती है। मिडवेस्ट ने वित्त वर्ष 2025 में ₹630 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया। पिछले 5 सालों में कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 21% से ज्यादा रही है। ब्रोकरेज ने नोट में कहा है कि मिडवेस्ट के ग्रेनाइट (कोर ऑपरेशंस) का वॉल्यूम FY28 तक नई खदानों और क्लस्टर-बेस्ड एक्सपेंशन के जरिए ₹1,50,000 प्रति क्यूबिक मीटर (cbm) तक बढ़ने का अनुमान है। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY25-28 के दौरान मिडवेस्ट के रेवेन्यू और EBIT दोनों में 12% की CAGR से बढ़ोतरी होगी।
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि मुख्य अवसर क्वार्ट्ज प्रोसेसिंग प्लांट्स में है, जिसके लिए फेज 2 में ₹130 करोड़ के कैपेक्स की जरूरत होगी। ऐसा इसलिए ताकि FY27 तक मौजूदा 300 ktpa (किलो टन प्रति साल) की तुलना में लगभग 600 ktpa की कैपेसिटी तक पहुंचा जा सके। घरेलू मांग के 25% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
माइनिंग सेक्टर में भी उतर रही Midwest
इसके अलावा, मिडवेस्ट माइनिंग के क्षेत्र में भी कदम रख रही है। इसने श्रीलंका में 4 खदानें हासिल की हैं। साथ ही हेवी मिनरल सैंड्स (HMS) की प्रोसेसिंग कर रही है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से टाइटेनियम डाइऑक्साइड के लिए फीडस्टॉक के रूप में किया जाता है। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि FY25-28 के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 36% और EBITDA 47% CAGR से बढ़ सकते हैं। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स FY25-28 के दौरान 56% CAGR की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। जैसे ही FY27-28 तक क्वार्ट्ज और HMS ऑपरेशंस बढ़ेंगे, ऑपरेटिंग कैश फ्लो सालाना ₹200 करोड़ से अधिक होने की संभावना है। कंपनी का कुल कर्ज ₹220 करोड़ है।
इस बीच एक बुल केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY25-28 के दौरान औसत ग्रेनाइट वॉल्यूम 12% CAGR दर्ज करेगा। ब्लेंडेड प्राइसिंग ₹60000 प्रति cbm होगी। यह भी उम्मीद है कि FY28 तक कंपनी का प्लांट 60% से अधिक यूटिलाइजेशन तक पहुंच जाएगा। ऐसा होने पर क्वार्ट्ज वॉल्यूम 0.4mt होगा और एवरेज प्राइसिंग ₹15000 प्रति टन होगी। बुल केस सिनेरियो में ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY25-28 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 40% और EBITDA 56% CAGR से बढ़ेगा। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बेस केस में EBITDA मार्जिन 34% से बढ़कर 38% होने का अनुमान है। शुद्ध मुनाफा FY25-28 के दौरान 67% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
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